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फेस्टिव सीजन में ट्रेन के बजाए लोग हवाई यात्रा को क्यों दे रहे हैं तरजीह?

रेलवे में सर्ज प्राइस लागू होने के बाद कुछ ट्रेनों के टिकट और महंगे हो गए. ऐसे में लोग ट्रेन की बजाय हवाई यात्रा को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Oct 03, 2017 08:30 PM IST

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फेस्टिव सीजन में ट्रेन के बजाए लोग हवाई यात्रा को क्यों दे रहे हैं तरजीह?

भारतीय रेलवे ने त्योहारी मौसम में चार हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है. इसके बावजूद लोग ट्रेन के बजाए हवाई यात्रा को तरजीह दे रहे हैं. लोगों के हवाई यात्रा को ज्यादा तरजीह देने का कारण रेलवे के कुछ रूटों पर ट्रेनों का किराया हवाई जहाज से भी अधिक होना बताया जा रहा है.

इस मौके को विमानन कंपनियां खूब भुना रही हैं. त्योहारी मौसम में विमानन कंपनियों ने हवाई किराया सस्ता कर उसे आम लोगों के बजट में ला दिया है.

एयर एशिया इयर एंड सेल ले कर आई है, जिसके तहत 1299 रुपए में देश में और 2399 रुपए में अतंरराष्ट्रीय यात्रा कर सकते हैं. ऑफर के तहत एयर एशिया की ये घरेलू उड़ानें बेंगलुरु, रांची, हैदराबाद, पुणे, कोलकाता, कोच्चि, नई दिल्ली के लिए हैं.

हम आपको बता दें कि रेलवे ने पिछले साल राजधानी, शताब्दी और दुरंतो एक्सप्रेस में ‘सर्ज प्राइस’ का नियम लागू किया था. सर्ज प्राइस लागू होने के बाद कुछ ट्रेनों के टिकट और ज्यादा महंगे हो गए. ऐसे में लोग ट्रेन की बजाय हवाई यात्रा को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं.

मसलन अगर आप मुंबई से पटना जाना चाहते हैं, तो हवाई टिकट राजधानी ट्रेन की सेकंड एसी से भी सस्ती पड़ रही है.

हम आपको बता दें कि अक्टूबर महीने में दिवाली और छठ पूजा के अवसर पर दिल्ली, मुंबई, कर्नाटक और चेन्नई से बिहार और यूपी की तरफ हजारों लोग जाते हैं. जिसके कारण रेल टिकटों की मांग बढ़ जाती है.

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त्योहारी सीजन में रेलवे चलाएगा 4000 प्रीमियम और स्पेशल ट्रेनें

हर साल की तरह इस साल भी भारतीय रेल यात्रियों की सुविधा के लिए देशभर में लगभग 4 हजार प्रीमियम और विशेष गाड़ियां चलाने का निर्णय किया है. लेकिन भारतीय रेल ने इन्हीं प्रीमियम ट्रेनों में से कुछ ट्रेनों में डायनामिक किराया भी लागू कर दिया है. जिसके कारण टिकट का किराया पहले की तुलना में लगभग दो से तीन गुना तक बढ़ गया है.

अब अगर सुविधा एक्सप्रेस की ही बात करें तो 17 अक्टूबर को मुंबई से पटना जाने वाली सुविधा एक्सप्रेस का सेकेंड एसी का किराया जो कि 2381 रुपए है. लेकिन इस ट्रेन में टिकट की बढ़ती मांग के कारण 6262 रुपए का डायनामिक किराया लगा दिया गया है. जिसके बाद टिकट का किराया 9 हजार 135 रुपए हो गया है.

जबकि, इसी दिन मुंबई से पटना के बीच हवाई जहाज का किराया 7500 से 9 हजार रुपए के बीच है. दरअसल प्रीमियम ट्रेनों में डायनामिक किराया लागू है.

प्रीमियम ट्रेन में राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी, हमसफर एक्सप्रेस और दुरंतो जैसी ट्रैनें शामिल हैं. इन रेलगाड़ियों में डायनामिक किराया लगाया जाता है.

हम आपको बता दें कि सुविधा एक्सप्रेस में 20 फीसदी सीट बुक हो जाने के बाद किराया बढ़ा दिया जाता है. 20 फीसदी से 40 फीसदी टिकट बुक होने पर उन टिकटों पर डेढ़ गुना किराया लगता है और 40 फीसदी से 60 फीसदी टिकट बुक होने पर टिकट की कीमत लगभग दोगुनी हो जाती है.

दरअसल जैसे-जैसे टिकट की मांग बढ़ती जाती है, टिकट के दाम भी बढ़ते जाते हैं. और 80 फीसदी से ऊपर टिकट बुक होने पर टिकट की कीमत बेसिक कीमत से करीब तीन गुना बढ़ जाती है.

इस साल भी त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग के कारण टिकटों के दाम बढ़ते चले जा रहे हैं. त्योहारों के मौसम में मुंबई से आने वाले यात्रियों को अब 'सुविधा' ट्रेन से काफी असुविधा होने लगी है.

भारतीय रेलवे की हालत हमेशा की तरह ही बदतर बनी हुई है.

त्योहारों के सीजन में ट्रेनों में अक्सर क्षमता से अधिक मुसाफिर सफर करने को मजबूर होते हैं

एक-दो फीसदी ही ऐसी ट्रेनें हैं, जिनमें इस तरह के फेयर लागू हैं

यात्रियों से सुविधा ट्रेन के नाम पर ज्यादा पैसे वसूले जाने को लेकर फ़र्स्टपोस्ट हिंदी ने भारतीय रेलवे के जनसंपर्क विभाग के डीजी अनिल सक्सेना से बातचीत की. अनिल सक्सेना फ़र्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, 'देखिए हम जो ट्रेन चला रहे हैं उसमें से एक-दो फीसदी ही ऐसी ट्रेनें हैं, जिनमें इस तरह के फेयर लागू हैं. क्योंकि उस जगह से डिमांड बहुत ज्यादा होती है. हम सातों दिन स्पेशल ट्रेनें चलाते हैं. किसी दिन ट्रैफिक मिलती है तो किसी दिन ट्रैफिक नहीं मिलती है, फिर भी जनता की सुविधा के लिए ट्रेन चला रहे हैं.’

अनिल सक्सेना आगे कहते हैं, ‘देखिए राजधानी ट्रेन की ही बात करें तो दिल्ली से हावड़ा या पटना तक ट्रेन चलाने में एक तरफ से तो भीड़ होती है, लेकिन उसी ट्रेन में लौटते वक्त सीटें खाली रह जाती हैं. ऐसे में दूसरी तरफ से ट्रेन को खाली तो नहीं चलाया जा सकता? इस स्थिति में रेलवे ने जीएम को पावर दे रखा है कि इस तरह की ट्रेनों को नॉर्मल में कनवर्ट कर के चलाया जाए. हम गरीब रथ में यात्रियों को चेन्नई से दिल्ली 700 रुपए में ला रहे हैं, उस बात को तो आप लोग भूल जाते हैं. त्योहारी सीजन में अगर एक पर्सेंट ट्रेनों में रेलवे ने किराया बढ़ा दिया तो इतना हंगामा क्यों?

यात्रियों की मानें तो दिवाली और छठ पूजा के समय सुविधा एक्सप्रेस का किराया पीक पर पहुंच जाता है. आलम यह है कि यात्रियों से अधिकतम किराया तीन गुना तक वसूला जा रहा है.

सुविधा एक्सप्रेस में पटना से मुंबई का किराया आम तौर पर एसी 3 का बेस फेयर 1785 रुपए है. जबकि छठ पूजा के समय इसका किराया 6400 रुपए से अधिक पहुंच चुका है.

एसी 2 का बेस फेयर 2600 रुपए है जबकि पूजा के दौरान पीक सीजन में यह 9000 का आंकड़ा पार कर चुका है. स्लीपर श्रेणी का बेस फेयर 675 रुपए है. छठ पूजा के दौरान इसका किराया बढ़कर 2300 रुपए से अधिक तक पहुंच चुका है.

यात्री कम किराए और जल्दी आने-जाने के लिए रेलवे के बजाए हवाई सफर को तरजीह दे रहे हैं

यात्री कम किराए और जल्दी आने-जाने के लिए रेलवे के बजाए हवाई सफर को तरजीह दे रहे हैं

सुविधा एक्सप्रेस के बढ़े किराए से यात्रियों को हो रही है 'असुविधा'

सुविधा एक्सप्रेस के भाड़े की तुलना अगर हवाई जहाज से की जाए तो भी सुविधा का किराया भारी पड़ऩे लगा है. ऐसे में यात्री क्यों न हवाई यात्रा को प्राथमिकता दें.

छठ पूजा के समय मुबंई से पटना आने का किराया जहां इंडिगो और गो एयर से 7617 रुपए से लेकर 9246 रुपए तक के बीच है. साथ ही समय भी महज तीन से चार घंटे ही लगता है. दूसरी तरफ रेल से सफर करने में 24 घंटे से भी ज्यादा का वक्त लग जाता है.

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