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केरलः एक लाख बच्चों ने कहा नहीं बताना हमें अपना धर्म-जाति

केरल में हरेक शैक्षिक सत्र में बड़ी संख्‍या में छात्र अपने धर्म और जाति का उल्‍लेख नहीं करते हैं

FP Staff Updated On: Mar 29, 2018 02:39 PM IST

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केरलः एक लाख बच्चों ने कहा नहीं बताना हमें अपना धर्म-जाति

जाति व्यवस्था की बुराई पर चर्चा आए दिन होती रहती है. लेकिन इसको दूर करने की कोशिशों की चर्चा उतनी ही कम. इस मामले में केरल के छात्र देश के अन्य राज्यों से कई कदम आगे बढ़ चुके हैं. इस शैक्षणिक सत्र में एक लाख से अधिक छात्रों ने अपनी जाति और धर्म का जिक्र नहीं किया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक केरल के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्‍त स्‍कूलों में शैक्षिक सत्र वर्ष 2017-18 के दौरान प्रवेश लेने वाले 1.23 लाख बच्‍चों ने अपने जाति और धर्म का खुलासा नहीं किया.

ये छात्र कक्षा 1 से लेकर 10वीं तक के हैं. राज्‍य के शिक्षा मंत्री सी रविंद्रनाथ ने बुधवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी. उन्‍होंने बताया कि धर्म और जाति नहीं बताने वाले बच्‍चों की संख्‍या इस वर्ष सबसे ज्‍यादा है.

उन्‍होंने बताया कि ये आंकड़ा राज्य के 9209 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्‍त स्‍कूलों के हैं. इस बार इसलिए सामने आया क्‍योंकि सभी एडमिशन सॉफ्टवेयर के जरिए हुए थे. बता दें, केरल में हरेक शैक्षिक सत्र में बड़ी संख्‍या में छात्र अपने धर्म और जाति का उल्‍लेख नहीं करते हैं.

स्कूल मजबूर नहीं कर सकता जाति या धर्म का उल्लेख करने के लिए 

सार्वजनिक शिक्षा के निदेशक के वी मोहनकुमार ने इस डेटा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 'कोर्ट के आदेशों के आधार पर, छात्रों को उनकी जाति या धर्म का उल्लेख करना अनिवार्य नहीं है. नतीजतन, स्कूल अब किसी को अपनी जाति का उल्लेख करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता. इसलिए इन छात्रों ने इसका उल्लेख नहीं किया है.'

इस वर्ष सरकार ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि 1.23 लाख बच्‍चों प्रवेश के समय धर्म और जाति कॉलम को खाली छोड़ दिया. विधानसभा सत्र के दौरान बुधवार को वामनपुरम में सीपीएम एमएलए डीके मुरली ने जाति और धर्म नहीं बताने वाले छात्रों की संख्‍या के बारे में जानकारी मांगा था.

मुरली के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि कक्षा 1 से लेकर 10 तक के 1,23,630 स्‍टूडेंट ने अपना जाति और धर्म नहीं बताया. यह आंकड़ा वर्ष 2017-18 के शैक्षिक सत्र का है. हालांकि जिला या क्षेत्रवार आंकड़ों का वर्गीकरण अभी उपलब्‍ध नहीं हैं. शिक्षा मंत्री ने बताया कि क्‍लास 11 और 12 में क्रमश: 278 और 239 बच्‍चों ने अपने जाति और धर्म का उल्‍लेख नहीं किया.

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