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इन दो जगहों पर जब बजता है राष्ट्रगान तो ठप हो जाते हैं सारे काम-काज

पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के इन दो जगहों पर रोज सुबह में राष्ट्रगान बजाया जाता है, जिसके सम्मान में लोग सारे काम-काज को ठप कर खड़े हो जाते हैं

Updated On: Jun 23, 2018 09:19 AM IST

FP Staff

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इन दो जगहों पर जब बजता है राष्ट्रगान तो ठप हो जाते हैं सारे काम-काज

अपने देश के प्रति प्रेम दिखाने या देशभक्ति दिखाने के लिए हर कोई अपने तरीके से प्रयास करता है. लेकिन आज जो हम आपको बताने जा रहे हैं वह देशभक्ति दिखाने का एक बेहद ही नायाब उदाहरण है. यह कहानी देश के दो अलग-अलग राज्यों की है लेकिन दोनों जगह देश के प्रति अपनापन दिखाने का तरीका एक ही है.

तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में दो ऐसी जगहें हैं जहां पर राष्ट्रगान के समय लोग काम करना बंद कर देते हैं. जो जिस अवस्था में होता है उसी में राष्ट्रगान के सम्मान में खड़ा हो जाता है. इसमें बड़े-छोटे का भेद मिट जाता है. देशभक्ति की एक नायाब तस्वीर खींच जाती है.

सबसे पहले बात करते हैं तेलंगाना की

तेलंगाना के करीमनगर जिले के जमीकुनटा में रोज सुबह 7.54 पर राष्ट्रगान बजाया जाता है. इस समय यहां के निवासी जहां मौजूद होते हैं राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े हो जाते हैं. सड़क पर चल रहीं गाड़ियां रूक जाती हैं. स्कूल जा रहे बच्चे भी थम जाते हैं.

हैदराबाद से 145 किलो मीटर की दूरी पर स्थित जमीकुनटा में राष्ट्रगान बजाने के लिए 16 लाउडस्पीकर लगाया गया है. पुलिस भी इस मामले में लोगों की मदद करती है. यहां के लोग सिर्फ राष्ट्रगान के मौके पर खड़े ही नहीं होते बल्कि रोज 16 अलग-अलग जगहों पर झंडा भी फहराया जाता है और लोग झंडे को सलामी देते हैं.

अब बात बंगाल की

पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में एक गांव के लोग सप्ताह के हर कामकाजी दिन सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर राष्ट्रगान गाने के लिए 52 सेकेंड तक अपना सभी काम रोक देते हैं. घरों में लोग और मोटरसाइकिल, ऑटोरिक्शा या साइकिलों पर सवार या सड़क पर चल रहे राहगीर राष्ट्रगान शुरू होते ही अपनी जगह रुक कर खड़े हो जाते हैं.

इस खास घंटे में सरकारी अभयनगर प्राथमिक स्कूल के बच्चे 52 सेकेंड का राष्ट्रगान गाते हैं तो लाउडस्पीकर के जरिए इसकी आवाज पास के इलाके तक भी पहुंचती है.

स्कूल के प्रधानाध्यापक शफीकुल इस्लाम ने बताया, ‘हमने सोचा कि इससे छात्रों और लोगों में देशभक्ति बढ़ेगी. हमने ग्रामीणों से कहीं भी रहने पर स्कूल के अपने बच्चों के साथ राष्ट्रगान गाने का अनुरोध किया.’ इस्लाम ने बताया कि स्कूल की इमारत के पास एक लाउडस्पीकर लगाया गया है और इसके जरिए राष्ट्रगान की आवाज दूर- दूर तक पहुंचती है.

गांव के 50 वर्षीय किसान मैजुद्दीन बिस्वास ने बताया, ‘बुधवार को हम तीन लोग सिर पर अनाज लेकर स्कूल के पास से गुजर रहे थे. लाउडस्पीकर पर राष्ट्रगान सुनाई पड़ते ही हम वहीं रूक गए और हम भी गाने लगे. हमें यह अच्छा लगता है.’

स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में दो लाउडस्पीकर और दो साउंड बॉक्स हैं. उन्होंने कहा कि कुछ और लाउडस्पीकर लगाने की योजना है और इसके लिए रकम की व्यवस्था की जा रही है.

उन्होंने कहा कि स्कूल में 115 छात्र हैं और इनमें से अधिकतर बेहद गरीब परिवारों के हैं. उन्होंने कहा कि स्कूल को 2012 में निर्मल विद्यालय पुरस्कार और 2016 में शिशुमित्र पुरस्कार सहित कुछ सरकारी पुरस्कार मिल चुका है.

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