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'मदरसों के सिलेबस से छेड़छाड़ करने का कोई इरादा नहीं'

चौधरी ने कहा कि मदरसों के सिलेबस में NCERT और यूपी बोर्ड की किताबें शामिल की जाएंगी. हालांकि अभी यह सिर्फ योजना के स्तर पर है

Bhasha Updated On: Nov 05, 2017 02:13 PM IST

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'मदरसों के सिलेबस से छेड़छाड़ करने का कोई इरादा नहीं'

उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों में NCERT की किताबें लागू किए जाने के इरादे के मद्देनजर उठ रही आशंकाओं पर विराम लगाने की कोशिश करते हुए कहा है कि इन शिक्षण संस्थाओं के सिलेबस में बदलाव के पीछे उसका कोई गलत इरादा नहीं है. वह सिर्फ उन्हें दकियानूसी शिक्षा प्रणाली से मुक्त कराना चाहती है.

प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार का मदरसों के सिलेबस के ढांचे में बदलाव लाकर उससे ‘छेड़छाड़’ करने का कोई इरादा नहीं है. हालांकि यह भी एक तथ्य है कि दकियानूसी शिक्षा प्रणाली से किसी व्यक्ति, राज्य या देश का विकास नहीं हो सकता.

चौधरी ने कहा कि मदरसों के सिलेबस में NCERT और यूपी बोर्ड की किताबें शामिल की जाएंगी. हालांकि अभी यह सिर्फ योजना के स्तर पर है. NCERT की किताबें उर्दू में भी हैं और उनमें से कई तो बाजार में उपलब्ध हैं. सरकार का मुख्य उद्देश्य मदरसों की शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ना है.

मदरसा बोर्ड सभी कक्षाओं में नया सिलेबस लाने पर विचार कर रहा है

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने पिछले दिनों कहा था कि मदरसों में अब NCERT की किताबों से पढ़ाई होगी. इन संस्थानों में अब आधुनिक विषय पढ़ाए जाएंगे, जिससे उनमें पढ़ने वाले बच्चे अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों से बराबरी कर सकें.

उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता ने इस बारे में पूछे जाने पर ‘भाषा’ को बताया कि सिलेबस की समीक्षा की बात चल रही है. हालांकि अभी यह शुरुआती चरण में है. मदरसा बोर्ड सभी कक्षाओं में नया सिलेबस लाने पर विचार कर रहा है. एनसीईआरटी की किताबों से शिक्षा दिलाई जाएगी.

उन्होंने बताया कि मौजूदा सिलेबस के दो भाग होते हैं. एक दीनी सिलेबस होता है, जो पहले की तरह ही रहेगा. बोर्ड व्यावहारिक शिक्षा के सिलेबस को बदलने की तैयारी कर रहा है. इसमें समय की मांग को लेकर सिलेबस में परिवर्तन किया जाएगा. नए सिलेबस में आधुनिक विषयों को भी जोड़ा जाएगा.

सिलेबस में तब्दीली की क्या जरूरत थी, इस सवाल पर गुप्ता ने कहा कि अभी तक मदरसों में पढ़ाये जाने वाले हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान इत्यादि के सिलेबस सुव्यवस्थित नहीं हैं.

टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया उत्तर प्रदेश ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. संगठन के महामंत्री दीवान साहब जमां ने कहा कि सरकार अगर दीनी सिलेबस को छोड़कर बाकी सिलेबस में वक्त के हिसाब से बदलाव करती है तो यह अच्छी बात है.

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