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साल 2014 से 2016 के बीच बढ़ी मानव तस्करी की शिकार महिलाओं और बच्चों की संख्या

महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद सुरेंद्र सिंह के सवाल पर दिए लिखित जवाब में यह जानकारी दी है

Updated On: Dec 29, 2018 03:34 PM IST

FP Staff

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साल 2014 से 2016 के बीच बढ़ी मानव तस्करी की शिकार महिलाओं और बच्चों की संख्या

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक साल 2014 से 2016 के दौरान मानव तस्करी की शिकार महिलाओं और बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. एनसीआरबी केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है. महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद सुरेंद्र सिंह के सवाल पर दिए लिखित जवाब में यह जानकारी दी है.

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि एनसीआरबी की तरफ से मुहैया कराई गई जानकारी के मुताबिक साल 2014 से 2016 की अवधि के दौरान कुल 22,167 बच्चे मानव तस्करी का शिकार हुए थे. उन्होंने सालाना ब्योरा देते हुए बताया कि साल 2014 में 5985 और 2015 में 7148 बच्चे मानव तस्करी का शिकार हुए. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 2016 में तो यह आंकड़ा 9034 तक पहुंच गया.

साल 2016 में आंकड़ों में हुई बढ़ोतरी

मेनका गांधी ने बताया कि साल 2014 से 2016 के दौरान 13,834 महिलाएं मानव तस्करी का शिकार हुईं. वर्षवार ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि 2014 में 3843 और 2015 में 4752 महिलाएं मानव तस्करी का शिकार हुईं. महिला तस्करी के मामलों में भी साल 2016 में बढ़ोतरी हुई, इस साल महिला तस्करी के 5239 मामले सामने आए.

राज्यसभा में मेनका गांधी ने कहा कि भारतीय संविधान की 7वीं अनुसूची के तहत पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य के विषय हैं. लिहाजा, अवैध मानव व्यापार के अपराध की रोकथाम करने का मूल दायित्व राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों का है.

बाल देखभाल संस्थाओं से भी गायब हुए बच्चे

पिछले दिनों एक सरकारी सर्वेक्षण में खुलासा हुआ था कि देशभर के कई बाल देखभाल केंद्रों से दो लाख से ज्यादा बच्चे गायब हो गए थे. द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016-2017 में बाल देखभाल संस्थाओं में रहने वाले बच्चों की संख्या महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सर्वेक्षण में करीब 4.73 लाख बताई थी. हालांकि मार्च महीने में जो सरकारी आंकड़े पेश किए गए उनमें इनकी संख्या 2.62 लाख बताई गई.

(भाषा से इनपुट)

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