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'जजों की कमी से लंबित मामलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है'

न्यायमूर्ति अग्रवाल ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में 160 न्यायाधीशों के स्वीकृत पद हैं, जबकि केवल 106 न्यायाधीश कार्य कर रहे हैं

Bhasha Updated On: Mar 28, 2018 04:31 PM IST

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'जजों की कमी से लंबित मामलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है'

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि हाईकोर्ट और जिला अदालतों में जजों की कमी से लंबित मामलों की संख्या बढ़ रही है.

न्यायमूर्ति अग्रवाल ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में 160 न्यायाधीशों के स्वीकृत पद हैं, जबकि केवल 106 न्यायाधीश कार्य कर रहे हैं. इनमें से कई आने वाले महीनों में सेवानिवृत्त होंगे और न्यायाधीशों की संख्या घटकर 100 के नीचे पहुंच जाएगी.

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में नौ लाख से अधिक और जिला अदालतों में 63 लाख से अधिक लंबित मामले हैं. न्यायमूर्ति अग्रवाल ने कहा कि हर साल इलाहाबाद हाईकोर्ट में तीन लाख से अधिक मामले दायर होते हैं.

पिछले साल इलाहाबाद और कलकत्ता हाईकोर्ट में 24 नए जजों की नियुक्ति की गई थी. इस कदम से लाखों लंबित मामलों से निपटने से जूझ रही न्यायपालिका को मदद देने के लिए लिया गया था.

अतिरिक्त जजों का आम तौर पर दो साल का कार्यकाल होता है. उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें स्थायी जज के तौर पर प्रमोशन दिया जाता है.

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