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बेवजह नहीं बच्चा चोरी का डर, 2016 में देशभर से 55,000 बच्चे अगवा हुए

बीते दो महीने में बच्चा चोरी के संदेह में 20 से ज्यादा लोगों की पीट-पीटकर हत्या की गई

Bhasha Updated On: Jul 08, 2018 03:56 PM IST

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बेवजह नहीं बच्चा चोरी का डर, 2016 में देशभर से 55,000 बच्चे अगवा हुए

देश के विभिन्न हिस्सों में बच्चों की चोरी की अफवाह को पूरी तरह बेबुनियाद नहीं कहा जा सकता. खासतौर पर गृह मंत्रालय की ओर से जारी वर्ष 2016 के आंकड़ों के बाद. इन आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में भारत से करीब 55,000 बच्चों को अगवा किया गया है और यह आंकड़ा एक वर्ष पहले के आंकड़ों के मुकाबले 30 फीसदी अधिक है.

गृह मंत्रालय की 2017-18 की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016 में 54,723 बच्चे अगवा हुए. हालांकि सिर्फ 40.4 फीसदी मामलों में ही आरोप पत्र दाखिल किए गए. वर्ष 2016 में बच्चों के अपहरण के मामलों में अपराध साबित होने की दर सिर्फ 22.7 फीसदी रही. वर्ष 2015 में ऐसे 41,893 मामले दर्ज किए गए जबकि वर्ष 2014 में यह संख्या 37,854 थी. वर्ष 2017 के आंकड़े अभी पेश नहीं किए गए हैं .

बच्चों के अपहरण का डर पूरी तरह से बेबुनियाद नहीं

मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा , 'हाल में हुए पीट-पीटकर हत्या के ज्यादातर मामलों के पीछे सोशल मीडिया पर बच्चा उठाने की अफवाहें थी. आंकड़े बताते हैं कि बच्चों के अपहरण का डर, खासकर ग्रामीण इलाकों में , पूरी तरह से बेबुनियाद नहीं है. '

गुरुवार को गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उन घटनाओं का पता लगाने को कहा था जिनमें सोशल मीडिया पर बच्चा उठाने की अफवाहों के बाद भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या की घटना को अंजाम दिया.

बीते दो महीने में बच्चा चोरी के संदेह में 20 से ज्यादा लोगों की पीट-पीटकर हत्या की गई. हाल की घटना एक जुलाई को महाराष्ट्र के धुले में हुई जिसमें बच्चा चोर होने के शक में पांच लोगों की हत्या कर दी गई.

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