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बिहार: एग्जाम कॉपी गायब मामले में स्कूल प्रिंसिपल समेत 3 गिरफ्तार

एसआईटी की अब तक की जांच के अनुसार स्कूल के स्ट्रॉन्ग रूम से गायब 10वीं परीक्षा की लगभग 42,000 कॉपियों को वहां के आदेशपाल छठू सिंह ने एक कबाड़ी दुकानदार के हाथों बेचा था

Updated On: Jun 24, 2018 01:56 PM IST

FP Staff

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बिहार: एग्जाम कॉपी गायब मामले में स्कूल प्रिंसिपल समेत 3 गिरफ्तार

बिहार बोर्ड परीक्षा समिति द्वारा आयोजित 10वीं की परीक्षा की 42 हजार एग्जाम कॉपियां जो गायब हो गई थीं, वो अब मिल गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जगह यह कॉपियां मिली हैं वो एक कबाड़ की दुकान थी.

मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि यह उत्तर पुस्तिकाएं एक कबाड़ी दुकानदार को बेची गई थीं. पुलिस ने आरोपी कबाड़ी दुकानदार और स्कूल से कबाड़ दुकान तक कॉपियां पहुंचाने वाले ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया है. इनके अलावा स्कूल के प्रिंसिपल प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार किया गया है.

बता दें कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ है. एसआईटी के अब तक के जांच अनुसार स्कूल के स्ट्रॉन्ग रूम से गायब मैट्रिक की लगभग 42,000 कॉपियों को वहां के आदेशपाल छठू सिंह ने एक कबाड़ी दुकानदार के हाथों बेचा था.

आरोपियों ने पूछताछ में स्कूल से बड़ी मात्रा में कागजात खरीदने की बात कबूली

गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रशीद जमां ने बताया कि दोनों ने पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि रद्दी के नाम पर स्कूल से बड़ी मात्रा में कागजात खरीदे थे. पुलिस ने कबाड़ी व्यवसायी की दुकान से एक उत्तर पुस्तिका और 5 खाली बैग भी बरामद किए हैं. पुलिस अब अन्य कबाड़ की दुकानों की पहचान कर कॉपियों की तलाश में जुटी है.

ऐसी आशंका है कि कबाड़ी से कॉपी खरीदने के बाद उसे दूसरे जिले या फिर राज्य से बाहर इसके बड़े कारोबारियों के हाथों बेच दिया गया है.

बता दें कि गोपालगंज जिले में स्थित 'एसएम गर्ल्स स्कूल कॉलेज' में नवादा जिले की 10वीं कक्षा की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया गया था. हर साल बिहार बोर्ड के टॉपर्स को लेकर होने वाले विवाद से बचने के लिए बिहार बोर्ड ने इस बार खास तैयारी की थी. रिजल्ट के पहले टॉपर्स की दोबारा कॉपियां चेक करवाई जा रही थीं. इसी क्रम में जब टॉपर छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए बीएसईबी ने उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की मांग की तो स्ट्रॉन्ग रूम से करीब 42 हजार से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाएं गायब पाई गईं थी.

नकल और फर्जीवाड़े के लिए बदनाम बिहार बोर्ड के लिए यह एक और बड़ा झटका था. शिक्षा सूत्रों के अनुसार बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जो पहले 20 जून को जारी होने वाला था, उसे एक हफ्ते के लिए टालने का सबसे बड़ा कारण भी यही था.

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