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जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर लड़ाई अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है-उप मुख्यमंत्री

निर्मल ने कहा , ‘जब मासूम मारा जाता है तो हुर्रियत खामोश रहता है लेकिन जब एक आतंकवादी को खदेड़ा गया तो उन्होंने बंद बुला लिया.’

Bhasha Updated On: Apr 08, 2018 04:03 PM IST

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जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर लड़ाई अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है-उप मुख्यमंत्री

जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों पर उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने चिंता जताई है. आतंकी हमलों में मासूम लोगों की मौत पर अलगाववादियों की चुप्पी की अलोचना करते हुए निर्मल सिंह न कहा कि राज्य में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक चरण में पहुंच गई है.

उन्होंने अलगाववादियों के साथ वार्ता का भी विरोध किया जो ‘मासूम लोगों की हत्या के दौरान चुप थे और जब आतंकवादियों को खदेड़ा गया तो उन्होंने बंद का आह्वान किया.’

निर्मल ने एक समारोह के दौरान पत्रकारों से कहा कि हम आतंकवाद पर इस लड़ाई में निर्णायक चरण में पहुंच गए हैं. सीमा पार से यह प्रतिक्रिया अपेक्षित थी लेकिन हमने स्थिति पर नियंत्रण कर लिया है.

उन्होंने कहा कि जो आत्मसपर्मण करने को तैयार हैं उन्हें शांतिपूर्ण जिंदगी बिताने का मौका दिया जाता है लेकिन जो लड़ने को उतारू हैं वे उसके परिणाम भुगत रहे हैं. दक्षिण कश्मीर में एक ही दिन में ( पिछले रविवार ) 13 आतंकवादियों को खदेड़ा गया और अन्य ने आत्मसपर्मण किया. यह कमजोर नीतियों के कारण नहीं हुआ.

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार बातचीत शुरू करें.

उन्होंने पूछा कि आखिर किससे ...‘ जो मासूमों की हत्या कर रहे हैं या जो युवकों को हवाला के जरिए पैसे भेजकर पथराव करने के लिए उकसा रहे हैं’

निर्मल ने कहा , ‘जब मासूम मारा जाता है तो हुर्रियत खामोश रहता है लेकिन जब एक आतंकवादी को खदेड़ा गया तो उन्होंने बंद बुला लिया.’

उप मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अलगाववादियों और पाकिस्तान के साथ वार्ता की मांग कर राजनीति कर रही है.

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