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तीस्ता सीतलवाड़ के बैंक लेनदेन पर रोक बरकरार, SC ने याचिका की खारिज

सीतलवाड़, उनके पति जावेद आनंद और उनके दो गैर सरकारी संगठनों पर पैसों के दुरूपयोग का आरोप लगा है

Bhasha Updated On: Dec 15, 2017 01:24 PM IST

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तीस्ता सीतलवाड़ के बैंक लेनदेन पर रोक बरकरार, SC ने याचिका की खारिज

तीस्ता सीतलवाड़ को गुजरात हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी झटका मिला. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीतलवाड़ के निजी बैंक खातों से लेनदेन पर लगी रोक हटाने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दिया. इस संबंध में गुजरात हाईकोर्ट के आदेश को ही बरकरार रखा गया है.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याचिकाएं खारिज की जाती हैं. कोर्ट ने इस साल पांच जुलाई को अपने फैसले को सुरक्षित रखा था.

सीतलवाड़, उनके पति जावेद आनंद और उनके दो गैर सरकारी संगठनों- ‘सबरंग ट्रस्ट’ एवं ‘सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस’ पर पैसों के दुरूपयोग का आरोप लगा है. उन्होंने वर्ष 2002 के गुजरात दंगा पीड़ितों के लिए एनजीओ का गठन किया था. मामले में गुजरात हाईकोर्ट के सात अक्टूबर 2015 के आदेश को चुनौती दी गई थी.

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने सीतलवाड़ एवं अन्य के बैंक खातों में धन के स्रोत पर सवाल उठाया था. दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद इन खातों से लेनदेन पर अहमदाबाद पुलिस ने वर्ष 2015 में रोक लगा दी थी.

गुलबर्ग सोसाइटी में स्मारक का पैसा खर्च न किए जाने का आरोप

गुलबर्ग सोसाइटी के एक निवासी फिरोज खान पठान ने सीतलवाड़ एवं अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया था. जिसमें आरोप लगाया था कि 2002 गुजरात दंगों में मारे गए 69 लोगों की याद में गुलबर्ग सोसाइटी में स्मारक बनाने के लिए पैसा जमा किया गया. इस राशि का इस्तेमाल इस मकसद के लिए नहीं हुआ.

गुलबर्ग सोसाइटी को स्मारक में बदलने के लिए एकत्र किए गए 1.51 करोड़ रुपए के गबन के मामले में अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की. जिसके बाद पुलिस ने खातों से लेनदेन पर रोक लगाई.

इस मामले में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा था कि गबन के इस कथित मामले में जांच गंभीर बिंदु पर है.

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