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टीचर ने गहने बेचकर खरीदीं बच्चों के लिए किताबें, बनाया क्लासरूम

इन पैसों से उन्होंने एक इंटरेक्टिव स्मार्ट बोर्ड और फर्नीचर भी खरीदा है

FP Staff Updated On: Apr 23, 2017 12:01 PM IST

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टीचर ने गहने बेचकर खरीदीं बच्चों के लिए किताबें, बनाया क्लासरूम

हम सब के जीवन में एक न एक ऐसा टीचर जरूर होता है जो हमें जिंदगी भर याद रहे. चाहे हम उनकी डांट-फटकार के लिए उन्हें याद रखें या फिर अपनी हर घबराहट पर पीठ थपथपा कर हमारा हौसला बढ़ाने के लिए.

लेकिन कुछ अध्यापक बच्चों की खुशी के लिए कुछ ज्यादा ही कर जाते हैं और उस समय वो अपने बारे में भी नहीं सोचते. ऐसी ही एक अध्यापिका हैं तमिलनाडु की अन्नपूर्णा मोहन.

अन्नपूर्णा मोहन ने हाल ही में अपने गहने सिर्फ इसलिए बेच दिए ताकि उससे हासिल हुए पैसों से वह अपने छात्रों के लिए किताबें खरीद सकें.

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तस्वीर फेसबुक से साभार.

किसी भी रूप में हर टीचर बच्चे के जीवन पर एक खास छाप छोड़ जाता है. एक टीचर हमेशा ही अपने छात्रों के लिए बेहतर सोचता है और उन्हें सिखाने की हर संभव कोशिश भी करता है.

आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि महिलाओं को गहने बहुत प्यारे होते हैं. लोगों ने जैसे उनको लेकर अपने मन में एक धारणा बना रखी है. खासकर हिंदी फिल्मों में किसी महिला टीचर को दिखाते हुए अक्सर सिर्फ मेकअप करने वाली, कॉलेज, स्कूल के अंदर भी घरेलू काम और घरेलू बातें करती हुई टीचर की तस्वीर दिखती है. लेकिन अन्नपूर्णा मोहन जैसी टीचर्स इस छवि के अलग हैं.

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क्लासरूम की तस्वीर फेसबुक से साभार.

अन्नपूर्णा ने अपनी ज्वेलरी बेच कर कमाए गए पैसों से क्लास के लिए एक इंटरेक्टिव स्मार्ट बोर्ड और फर्नीचर भी खरीदा है. अन्नपूर्णा मोहन तमिलनाडु के कंधादू में एक पंचायत यूनियन प्राइमरी स्कूल में पढ़ाती हैं.

न्यूज मिनट से बातचीत में अन्नपूर्णा कहती हैं, 'मैंने अपनी क्लास में अंग्रेजी को लेकर एक अच्छा माहौल बनाने की कोशिश की है. मैं क्लास की शुरुआत से लेकर अंत तक अपने छात्रों से अंग्रेजी में ही बात करती हूं. शुरू-शुरू में कुछ बच्चों को मेरी बात समझ में नहीं आती थी लेकिन वक्त के साथ सब समझने लगे हैं.'

अन्नपूर्णा का मानना है कि तमिलनाडु में अध्यापकों के पास पढ़ाने के लिए पर्याप्त साधन मौजूद नहीं हैं और सिस्टम का बदलना जरूरी है. क्लास में पढ़ाने के तरीकों को भी बदलने की आवश्यकता है.

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अन्नपूर्णा मोहन के फेसबुक वॉल से साभार

वो बच्चों को छोटे-छोटे नाटक करवा कर पाठ समझाने की कोशिश करती हैं. बच्चे किताबें पढ़ने की जगह खुद काम करने से ज्यादा सीखते हैं. ये एक बहुत अच्छा तरीका है, इससे बच्चों के लिए पढ़ाई बेहद आसान हो जाती है.

अन्नपूर्णा ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर ऐसे लघु नाटक का एक वीडियो भी अपलोड किया था जिसे देश भर के लोगों ने सराहा था. फिर अन्नपूर्णा ऐसे वीडियो जल्दी-जल्दी अपलोड करने लगीं और लोगों ने खुश होकर बच्चों के लिए पैसे और छोटे-छोटे गिफ्ट भेजना भी शुरू कर दिया.

जब कनाडा और सिंगापुर तक के लोगों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करना शुरू किया तो उन्होंने खुद भी बच्चों के लिए कुछ करने के बारे में सोचा.

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