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'रतन टाटा के ईगो ने टाटा ग्रुप को पहुंचाया नुकसान'

रतन टाटा के फैसले के कारण टाटा स्टील को भारी नुकसान हुआ है.

Updated On: Nov 23, 2016 07:39 PM IST

FP Staff

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'रतन टाटा के ईगो ने टाटा ग्रुप को पहुंचाया नुकसान'

टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री ने आरोप लगया है कि उनसे पहले के चेयरमैन रतन टाटा ने अपने अहम् की संतुष्टि के लिए कुछ निर्णय लिए, जिसकी वजह से टाटा ग्रुप को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ.

इस बीच फ़र्स्टपोस्ट में छपी खबर के मुताबिक मिस्त्री के समर्थन में खड़े नुस्ली वाडिया ने भी टाटा संस को मानहानि का नोटिस भेजा है और दो दिनों में इसका जबाब देने को कहा है.

बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक मिस्त्री ने यह आरोप लगाया कि रतन टाटा एक समय टीसीएस को भी आईबीएम को बेचना चाहते थे. लेकिन जेआरडी टाटा ने एफसी कोहली की सलाह पर रतन टाटा के इस विचार को खारिज कर दिया.

साइरस मिस्त्री का नजरिया 

मिस्त्री के ऑफिस द्वारा जारी किए गए बयान में में यह कहा गया है कि उस समय कोहली दिल की बीमारी से जूझ रहे थे और रतन टाटा उस समय आईबीएम के साथ टाटा इंडस्ट्री के संयुक्त वेंचर का नेतृत्व कर रहे थे. उस समय रतन टाटा ने जेआरडी के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की थी. लेकिन जेआरडी ने कोहली से इस मुद्दे पर सलाह ली, जिन्होंने इस कंपनी की स्थापना में उनकी मदद की थी. कोहली ने कहा कि वह ठीक होकर इस कंपनी को संभाल लेंगे. टीसीएस आज टाटा ग्रुप की सबसे अधिक लाभ देने वाली कंपनी है.

मिस्त्री का यह बयान टाटा संस के 10 नवंबर को जारी किए गए बयान के जबाब में आया है, जिसमें यह कहा गया था कि टीसीएस और जगुआर लैंड रोवर की सफलता में मिस्त्री का कोई योगदान नहीं है.

मिस्त्री ने अपने बयान में यह भी कहा है कि स्टील कंपनी कोरस के अधिग्रहण में भी रतन टाटा के फैसले के कारण टाटा स्टील को भारी नुकसान हुआ है. मिस्त्री का कहना है कि एक साल पहले अगर कोरस का अधिग्रहण किया जाता तो इससे आधी कीमत पर अधिग्रहण हो जाता लेकिन रतन टाटा के अहम् के कारण इस डील में देरी हुई.

टाटा स्टील के एक डायरेक्टर ने नाम न बताने की शर्त बताया कि कोरस के साथ हुए डील में टाटा स्टील को अब तक 70,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है.

मिस्त्री का खुलासा

मिस्त्री ने यह भी खुलासा किया है कि नवंबर 2003 में रतन टाटा ने अपने टीम के सहयोगियों की सलाहों को नजरअंदाज करते हुए सीडीएमए तकनीक को ग्रुप के टेलीकाम बिजनेस के लिए अपनाया. इस रणनीतिक फैसले के कारण टाटा टेलीसर्विसेज को लगातार नुकसान उठाना पड़ा, जिसके कारण आज कंपनी का अस्तित्व खतरे में हैं.

मिस्त्री ने टीसीएस के सीईओ और एन चंद्रशेखरन और जगुआर लैंड रोवर के सीईओ राल्फ स्पेथ के कामकाज की तारीफ की. साथ ही चेयरमैन के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान इन कंपनियों के कामकाज में अपने योगदान का भी जिक्र किया.

मिस्त्री का यह बयान तब आया है, जब आज टाटा पॉवर और टाटा केमिकल्स ने मिस्त्री को इन कंपनियों के चेयरमैन पद से हटाने के लिए, स्टॉक एक्सचेंज में अपने शेयरहोल्डर की अतिविशिष्ट मीटिंग बुलाई है. इस बीच टाटा केमिकल्स ने नुस्ली वाडिया को डायरेक्टर के रूप में हटाने की नोटिस भी जारी की है.

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