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तस्लीमा की किताब ‘द्विखंडितो’ अब अंग्रेजी में

2003 में पश्चिम बंगाल सरकार ने कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत करने के मामले में प्रतिबंधित कर दिया था

Updated On: Mar 11, 2018 04:32 PM IST

FP Staff

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तस्लीमा की किताब ‘द्विखंडितो’ अब अंग्रेजी में

तस्लीमा नसरीन की किताब ‘द्विखंडितो’ अब अंग्रेजी में भी उपलब्ध है. इसे 2003 में पश्चिम बंगाल सरकार ने कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत करने के मामले में प्रतिबंधित कर दिया था.

तस्लीमा को महिला अधिकारों और धार्मिक कट्टरता की आलोचनाओं पर अपने लेखन के लिए जाना जाता है. उनके इस कठोर अंदाज की वजह से ही पश्चिम बंगाल की तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार और बांग्लादेश सरकार ने मूल रूप से बांग्ला में लिखी उनकी किताब पर रोक लगा दी थी.

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2005 में प्रतिबंध को हटा दिया था. जिसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने पाबंदी हटा दी. तस्लीमा को अंतत: कोलकाता से जाना पड़ा और किताब के अध्यायों को हटाना पड़ा. उन पर 40 लाख डॉलर का मानहानि का मामला भी दर्ज किया गया.

पुस्तक का अनुवाद किया है माहार्घ्य चक्रवर्ती ने 

अब किताब का प्रकाशन पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने ‘स्प्लिट ए लाइफ’ नाम से किया है. इसमें तस्लीमा के अनुभव और कामकाज, डॉक्टर के रूप में उनके कार्यकाल का विवरण है तो बताया गया है कि वह कट्टरपंथियों के निशाने पर कैसे आ गईं, ‘लज्जा’ कैसे प्रतिबंधित की गई और भारत में निर्वासन में उनका जीवन कैसा रहा है.

माहार्घ्य चक्रवर्ती ने पुस्तक का अनुवाद किया है जिसमें तस्लीमा ने लिखा है, ‘मेरे देश में कट्टरपंथ चरम पर था और उन लोगों के पक्ष में बयार बह रही थी. सामान्य तौर पर देशभर के कई गांवों में फतवा वाले मौलानों के फतवों का शिकार पहले महिलाएं होती थीं.’

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