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बांध सुरक्षा विधेयक पर तमिलनाडु के सीएम ने पीएम मोदी से लगाई गुहार, कहा- प्रक्रिया को आगे न बढ़ने दें

देश में बांधों की सुरक्षा, समुचित निगरानी, निरीक्षण एवं प्रचालन सुनिश्चित करने के उपबंध वाला बांध सुरक्षा विधेयक बीते बुधवार को लोकसभा में पेश किया गया था

Updated On: Dec 14, 2018 04:38 PM IST

FP Staff

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बांध सुरक्षा विधेयक पर तमिलनाडु के सीएम ने पीएम मोदी से लगाई गुहार, कहा- प्रक्रिया को आगे न बढ़ने दें

बांध सुरक्षा विधेयक, 2018 को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहा- मैं एक बार फिर आपसे अनुरोध करता हूं कि आप बांध सुरक्षा विधेयक, 2018 को वापस लेने के लिए जल संसाधन मंत्रालय, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय को कृपया निर्देश दें. उन्होंने आगे कहा-यह भी अनुरोध है कि जब तक तमिलनाडु की वास्तविक चिंताओं को संबोधित नहीं किया जाता है और सभी राज्यों में सर्वसम्मति विकसित होती है तब तक आप बांध सुरक्षा पर कानून की प्रक्रिया के साथ आगे न बढ़ें.

मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बांध सुरक्षा विधेयक 2018 पेश किया था

बता दें कि देश में बांधों की सुरक्षा, समुचित निगरानी, निरीक्षण एवं प्रचालन सुनिश्चित करने के उपबंध वाला बांध सुरक्षा विधेयक बीते बुधवार को लोकसभा में पेश किया गया था. सदन में जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बांध सुरक्षा विधेयक 2018 पेश किया था. लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस, शिवसेना, अन्नाद्रमुक और तेलुगू देसम पार्टी के सदस्यों के हंगामे के बीच ही सरकार ने बांधों की सुरक्षा से संबंधित विधेयक पेश किया था.

बांध की सुरक्षा एक मुख्य चिंता का विषय और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है

विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि बांध एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है जिसका निर्माण, सिंचाई, विद्युत उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण, पेयजल और औद्योगिक प्रयोजन के लिहाज से जल के बहुद्देश्यीय उपयोगों के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जाता है. कोई असुरक्षित बांध मानव जीवन, पारिस्थितकी एवं सार्वजनिक एवं निजी आस्तियों के लिए खतरनाक हो सकता है, ऐसे में बांध की सुरक्षा एक मुख्य चिंता का विषय और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है. विधेयक में कहा गया है कि आपदाओं से संबंधित बांध से जुड़ी समस्याओं के निवारण और बांध सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए संबंधित नीति विकसित करने तथा आवश्यक विनियमों की सिफारिश करने के लिए राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति के गठन का प्रस्ताव किया गया है.

राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव किया गया

बांधों की समुचित निगरानी, निरीक्षण और अनुरक्षण के लिए नीति, मार्गदर्शक सिद्धांत और मानकों के क्रियान्वयन के लिए और दो राज्यों के राज्य बांध सुरक्षा संगठनों और उस राज्य में बांध स्वामी के बीच किसी मुद्दे का समाधान करने के लिए विनियामक निकाय के रूप में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है. प्राधिकरण, बांध सुरक्षा संबंधी डाटा, व्यवहारों के मानकीकरण, तकनीकी व प्रबंधकीय सहायता, बांध विफलताओं संबंधी विवरण व कारकों का रिकॉर्ड रखेगा.

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