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NGT के आदेश के बाद तूतीकोरिन में फिर खुलेगा वेदांता स्टरलाइट प्लांट

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में प्लांट बंद करने को लेकर भड़की हिंसा को काबू करने के लिए पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी थी. इसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी

Updated On: Dec 15, 2018 04:50 PM IST

FP Staff

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NGT के आदेश के बाद तूतीकोरिन में फिर खुलेगा वेदांता स्टरलाइट प्लांट

देश के राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने तमिलनाडु सरकार द्वारा तूतीकोरिन में बंद किए गए स्टरलाइट इंडस्ट्रीज के प्लांट को दोबारा खोले जाने का ऐलान किया है. एनजीटी का यह फैसला प्लांट से कथित तौर पर प्रदूषण होने के खिलाफ राज्यभर में होने वाले प्रदर्शनों के कुछ महीने बाद आया है. राज्य के लोग तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर स्मेल्टिंग प्लांट के संचालन के खिलाफ थे. बीते मई में इसके खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन भी हुए. आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आग के हवाले कर दिया और 13 लोगों की मौत हो गई.

कोर्ट ने तमिलनाडु राज्य प्रदूषण रेगुलेटर को तीन हफ्ते के भीतर वेदांता के स्टरलाइट कॉपर स्मेल्टिंग प्लांट को खोलने की सहमति में नए आदेश को पारित करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही कंपनी को क्षेत्र के निवासियों के कल्याण के लिए तीन साल की अवधि के भीतर 1 करोड़ खर्च करने की भी बात कही है. एनजीटी सुनवाई के दौरान, स्मेल्टर के वकील ने कहा कि कुछ राशि जल आपूर्ति, अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाओं और कौशल विकास जैसी परियोजनाओं पर भी खर्च की जा सकती हैं.

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में भड़की हिंसा में 13 लोगों की मौत हो गई थी

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में प्लांट बंद करने को लेकर भड़की हिंसा को काबू करने के लिए पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी थी. इसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी

एनजीटी का आदेश स्थानीय लोगों के लिए झटका

एनडीटीवी की खबर अनुसार एनजीटी ने अपने ऑर्डर में कहा, 'तमिलनाडु राज्य प्रदूषण रेगुलेटर तीन हफ्ते के भीतर वेदांता के स्टरलाइट कॉपर स्मेल्टिंग प्लांट को खोलने की सहमति में नए आदेश पारित करे.' पिछले महीने एनजीटी द्वारा स्थापित विशेषज्ञों के एक पैनल ने कहा था कि तमिलनाडु के अधिकारियों ने स्मेल्टर को बंद करने से पूर्व पूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया था.

राज्य की एआईएडीएमके सरकार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री ई पलानिसवामी और अन्य पार्टियां भी प्लांट के संचालन के खिलाफ हैं. तमिलनाडु के पर्यावरण मंत्री के.सी करूप्पनन्न ने कहा कि राज्य एनजीटी कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी. हमारा स्टैंड क्लीयर है. हम स्मेल्टर के दोबारा खोले जाने के पक्ष में नहीं है.

इस वर्ष मई में संयंत्र बंद होने के बाद यहां के बिजली कनेक्शन को रोक दिया गया था. इसके बाद एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि अगर प्लांट के तहत पर्यावरण की सुरक्षा जैसी कुछ स्थितियों को पूरा किया जाता है तो बिजली को प्लांट में बहाल किया जाना चाहिए. पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि एनजीटी का आदेश स्थानीय लोगों के लिए झटका है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्टरलाइट प्लांट भूजल प्रदूषित कर रहा था. इसके साथ ही इससे लोगों को गंभीर बीमारियां भी हो रही थी.

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