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क्या तमिलनाडु के पानी से केरल में आई बाढ़, SC पहुंचा मामला

केरल सरकार शुरू से आरोप लगाती रही है कि मुल्लापेरियार बांध का प्रबंधन तमिलनाडु के पास है और वहां से अत्यधिक पानी छोड़े जाने के कारण ही केरल में भयंकर बाढ़ आई

Updated On: Aug 24, 2018 01:22 PM IST

FP Staff

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क्या तमिलनाडु के पानी से केरल में आई बाढ़, SC पहुंचा मामला

केरल सरकार ने तमिलनाडु सरकार पर मुल्लापेरियार बांध से अत्यधिक पानी छोड़ने के कारण बाढ़ आने का आरोप लगाया है. इस आरोप के खिलाफ मुख्यमंत्री एडपड्डी पलनस्वामी की तमिलनाडु सरकार सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर करने की तैयारी में है.

सीएनएन न्यूज18 की एक खबर के मुताबिक, केरल के दावे के खिलाफ तमिलनाडु सरकार सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करेगी. केरल सरकार शुरू से आरोप लगाती रही है कि मुल्लापेरियार बांध का प्रबंधन तमिलनाडु के पास है और वहां से अत्यधिक पानी छोड़े जाने के कारण ही केरल में भयंकर बाढ़ आई.

न्यूज18 को सूत्रों ने बताया कि पलनीस्वामी सरकार केरल में बाढ़ के लिए वहां के अधिकारियों को दोषी मान रही है. तमिलनाडु सरकार का आरोप है कि केरल की सरकारी मशीनरी गंभीर बारिश को संभालने में नाकाम रही, जिसका नतीजा हुआ कि मुल्लापेरियार बांध में बारिश का पानी भर गया और बाढ़ आई.

मुख्यमंत्री पलनीस्वामी ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, केरल के आरोप गलत और आधारहीन हैं. अगर यह कहा जा रहा है कि बांध (मुल्लापेरियार) से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ आई, तो फिर समूचे केरल में उसका पानी कैसे फैल गया? सच यह है कि 80 बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ की स्थित पनपी.

केरल सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि तमिलनाडु ने मुल्लापेरियार बांध में अचानक पानी छोड़ा और पूर्व में इसकी कोई सूचना नहीं दी गई. केरल सरकार के दावे के मुताबिक प्रदेश की 3.48 करोड़ लोगों की कुल आबादी में 54 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की मार से जूझ रहे हैं.

दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक आदेश जारी कर कहा कि 31 अगस्त तक मुल्लापेरियार बांध में पानी का स्तर 139.99 फुट रखा जाए.

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