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डिग्री के बदले सेक्स: 'खुलकर नहीं बता सकती, कुछ काम कराने के लिए अधिकारियों को कॉलेज गर्ल्स चाहिए'

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में अरुप्पोकोट्टई के देवांग आर्ट्स कॉलेज में मैथमेटिक्स की असिस्टेंट प्रोफेसर निर्मला देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है

Abdul Kathar Mydeen Updated On: Apr 19, 2018 03:52 PM IST

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डिग्री के बदले सेक्स: 'खुलकर नहीं बता सकती, कुछ काम कराने के लिए अधिकारियों को कॉलेज गर्ल्स चाहिए'

यह सब शुरू हुआ महीने भर पुरानी एक ऑडियो क्लिप से, जो इस सप्ताहांत सोशल मीडिया में वायरल हो गई. तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में अरुप्पोकोट्टई के देवांग आर्ट्स कॉलेज में मैथमेटिक्स की असिस्टेंट प्रोफेसर निर्मला देवी इस ऑडियो क्लिप में चार छात्राओं से कह रही हैं, 'कुछ काम कराने के लिए मदुरई कामराज यूनिवर्सिटी (जिससे यह कॉलेज संबद्ध है) के वरिष्ठ अधिकारी कुछ कॉलेज गर्ल्स चाहते हैं.'

इसके साथ ही वह कह रही हैं कि ज्यादा खुलकर नहीं बता सकती हैं और उम्मीद है कि लड़कियां समझ गई होंगी कि इसके एवज में उन्हें क्या मिलेगा. जाहिर है कि इन लाचार लड़कियों के सामने ऊंचे नंबर, अच्छे अकेडमिक करियर और पैसे का चारा डाला जा रहा था.

20 मिनट की इस क्लिप में महिला की ऊंची पहुंच जताने के लिए एक जगह तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित का भी, हालांकि उनका नाम नहीं लिया गया, यूं ही जिक्र हुआ है. अरुप्पोकोट्टई से निकली इस खबर के फैलने के चंद घंटों के भीतर ही राज्यपाल के कार्यालय की तरफ से सेवानिवृत्त मुख्य सचिव आर. संथानम को मामले की जांच कर एक हफ्ते में रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंप दी गई.

प्रोफेसर सस्पेंड लेकिन कोई कार्रवाई नहीं

बताया जाता है कि छात्राओं ने कॉलेज को इस मामले की शिकायत 19 मार्च को ही दे दी थी. कॉलेज ने 21 मार्च को प्रोफेसर को निलंबित कर दिया. लेकिन कॉलेज ने ना तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और ना ही, वाइस चांसलर के अनुसार, यूनिवर्सिटी को सूचना दी गई. इस दौरान ऑडियो क्लिप के वायरल हो जाने और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों के कैंपस के बाहर प्रदर्शन के बीच कॉलेज सेक्रेटरी आर. रामासामी ने 16 अप्रैल को पुलिस में एक शिकायत दर्ज करा दी. उसी दिन करीब पांच घंटे चले ड्रामे के बाद निर्मला देवी गिरफ्तार कर ली गईं. अपनी संभावित गिरफ्तारी की बात सुनकर उन्होंने खुद को घर में बंद कर लिया था.

घर के बाहर पुलिस और स्थानीय पत्रकारों के भारी जमावड़े के बीच उन्होंने बाहर निकलने और पुलिस से बात करने से मना कर दिया, लेकिन आखिर में पुलिस उनके कुछ रिश्तेदारों की मदद से उनसे बात करने में कामयाब हुई और उन्हें सरेंडर करने के लिए राजी कर लिया. बाद में पत्रकारों से बात करते हुए निर्मला देवी ने स्वीकार किया कि ऑडियो क्लिप में आवाज उन्हीं की है, लेकिन छात्राओं ने उनको 'समझने में गलती' की. हालांकि उन्होंने साफ नहीं किया कि उनके कहने का मतलब क्या था. अरुप्पोकोट्टई शहर की पुलिस ने आईपीसी की धारा 370 (मानव व्यापार) और 511 (अपराध करने का प्रयास) के साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ऐसी सामग्री, जिसमें आपत्तिजनक यौन क्रियाएं या आचरण है, को एक से दूसरे स्थान पर भेजना) के तहत केस दर्ज किया है.

28 अप्रैल तक के लिए रिमांड पर निर्मला देवी

विरुधुनगर जिले के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस माथी ने मंगलवार को बताया कि पुलिस ने निर्मला देवी को सोमवार शाम करीब 7 बजे गिरफ्तार किया और डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस की मदद से जांच जारी है. उन्होंने कहा कि आरोपी को विरुधुनगर कोर्ट में मंगलवार शाम को पेश किया जाएगा. बाद में कोर्ट ने आरोपी को 28 अप्रैल तक के लिए रिमांड पर दे दिया.

राज्य सरकार ने 17 अप्रैल को पुलिस महानिदेशक के. राजेंद्रन को पुलिस विभाग की सर्वोच्च जांच संस्था सीबीसीआईडी को जांच सौंपने को कहा. इस बीच, मदुरई कामराज यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर पी.पी. चेल्लादुरई ने दावा किया कि, 'कोई निर्मला देवी की आड़ लेकर मदुरई कामराज यूनिवर्सिटी और इसके अधिकारियों को बदनाम करने के लिए काम कर रहा है.' उन्होंने कॉलेज को घटना की सूचना पहले यूनिवर्सिटी को नहीं देने का आरोप लगाया.

उन्होंने सोमवार को कहा कि, 'यह मेरी जिम्मेदारी है कि रिकॉर्डिंग के पीछे का सच सामने लाया जाए. हमने एक पांच सदस्यीय जांच टीम बना दी है.' लेकिन मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात के बाद, वीसी कार्यालय से एक सूचना भेजी गई जिसमें कहा गया कि चूंकि राज्यपाल ने मामले की जांच के लिए रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की नियुक्ति कर दी है, इसलिए यह कमेटी भंग की जाती है.

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पुरोहित ने आरोप खारिज किए

17 अप्रैल की शाम दाएं-बाएं संथानम और चेल्लादुरई के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए राज्यपाल ने कहा कि यह घटना 'निंदनीय है और ऐसा नहीं होना चाहिए था.' उन्होंने वादा किया कि 'व्यापक जांच' के बाद 'दोषी' के खिलाफ 'कार्रवाई' की जाएगी. यह पूछे जाने पर कि लीक ऑडियो क्लिप में उनका भी जिक्र है, उन्होंने कहा कि वह राज्य भर में दौरे करते हैं और बहुत से लोगों से मिलते हैं, लेकिन उनके आचरण को लेकर कोई उन पर अंगुली नहीं उठा सकता. उन्होंने यह भी कहा कि वह महिला प्रोफेसर को नहीं जानते. राज्यपाल ने मीडिया से कहा कि वह पड़पोतों वाले 74 साल के बुजुर्ग हैं, इसलिए उनका नाम बदनाम ना करें.

डीएमके नेता एम.के. स्तालिन की सीबीआई जांच की मांग पर पुरोहित ने कहा कि संथानम के रिपोर्ट सौंप देने के बाद कोई फैसला लिया जाएगा. पीएमके के सांसद डॉ. अंबुमणि रामदौस भी पहले ही मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग कर चुके हैं. राज्यपाल के साथ कई मुद्दों पर टकराव का सामना कर चुके, राज्य सरकार के वरिष्ठ नेता फिशरीज मिनिस्टर डी. जयकुमार ने कहा कि, 'एक प्रोफेसर द्वारा छात्राओं को बहकाना अवांछनीय है. ऐसी काली भेड़ों को निकाल बाहर करना चाहिए.'

डॉ. अंबुमणि रामदौस ने यह भी जोड़ा कि 'हम समझ सकते हैं कि एक प्रभावशाली व्यक्ति की यौन इच्छाओं को पूर्ण करने के लिए इन लड़कियों को लालच दिया गया. उस व्यक्ति और कामराज यूनिवर्सिटी के उन अधिकारियों को बेपर्दा करना जरूरी है, जो इस शर्मनाक हरकत में शामिल हैं.'

(लेखक चेन्नई बेस्ड राइटर हैं और जमीनी स्तर पर काम करने वाले देशव्यापी नेटवर्क 101Reporters.com के सदस्य हैं.)

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