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यूपी के टूरिज्म बुकलेट में ताजमहल को नहीं मिली जगह

योगी आदित्यनाथ के अनुसार, रामायण और गीता भारत की संस्कृति का प्रतीक हैं न कि ताजमहल

Updated On: Oct 02, 2017 08:31 PM IST

FP Staff

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यूपी के टूरिज्म बुकलेट में ताजमहल को नहीं मिली जगह

दुनिया के सात अजूबों में से एक और दुनिया भर के लोगों के आकर्षण का केंद्र ताजमहल उत्तर प्रदेश के आगरा में है लेकिन इस साल यूपी पर्यटन की बनाई गई बुकलेट में ताजमहल को जगह नहीं दी गई है.

यूपी टूरिज्म की यह नई बुकलेट ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन-अपार संभावनाएं’ वर्ल्ड टूरिज्म डे के अवसर पर छपी है. सरकार द्वारा जो नई बुकलेट जारी की गई है उसमें टूरिस्टों के लिए ताजमहल का नाम शामिल नहीं किया गया. सरकार की तरफ से अभी तक इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.

पहला पन्ना गंगा आरती को

इस बार की बुकलेट का पहला पेज बनारस की गंगा आरती को समर्पित किया गया है. गंगा आरती के भव्य दृश्य के साथ दूसरे पेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी की तस्वीर है.

इस तस्वीर के साथ बुकलेट का उद्देश्य लिखा है. उसके आगे पर्यटन विकास योजनाओं के बारे में दिया गया है. पहले पेज के साथ ही छठवां और सातवां पेज भी गंगा आरती को समर्पित किया गया है.

गोरखनाथ मंदिर और अयोध्या को मिली जगह

इस बार बनी बुकलेट में गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर को जगह दी गई है. नाथ संप्रदाय से ही जुड़े यूपी के बलरामपुर में स्थित देवी पाटन शक्ति पीठ को भी स्थान दिया गया है. दो पेज सिर्फ गोरखनाथ मंदिर को समर्पित किए गए हैं. इसमें गोरखनाथ मंदिर की फोटो, उसका इतिहास और महत्व लिखा है.

इसबार की बुकलेट में एक और खास बात है कि, अयोध्या को भी शामिल किया गया है. रामलीला के चित्रों को भी बुकलेट में छापा गया है. ईको टूरिज्म से लेकर मंदिर टूरिज्म तक को इस बुकलेट में जगह मिली है लेकिन ताजमहल को नहीं.

जबकि इस मामले में रीता बहुगुणा जोशी का बयान आया है कि, 'ताजमहल हमारी सांस्कृतिक धरोहर, प्राथमिकता है.'

ताजमहल भारतीय संस्कृति का प्रतीक नहीं

इस साल जून में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था, 'उनके अनुसार भारत की संस्कृति और विरासत को रामायण और गीता दर्शाते हैं न कि ताजमहल.'

इसके पहले यूपी में राज्य का वार्षिक बजट पेश किया गया था. इस बजट में राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक नगरों को बढ़ावा देने के लिए 'हमारी सांस्कृतिक विरासत' के नाम से एक अलग कोष आवंटित किया गया था लेकिन यूपी की सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और टूरिस्ट इमारत ताजमहल को इसमें शामिल नहीं किया गया था.

इसके अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ ने ताजमहल पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि, अब जब किसी देश के प्रमुख भारत के दौरे पर आते हैं तो उन्हें ताजमहल का नमूना उपहार नहीं दिया जाता क्योंकि वो गैर भारतीय है और देश को प्रतिबिंबित नहीं करता. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब महत्वपूर्ण हस्तियों को हिंदू धर्म की धार्मिक पुस्तक गीता भेंट दी जाती है.

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