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अयोध्या में राम मंदिर बने ताकि मुसलमान सुकून से रह सकें: रिजवी

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने कहा, ‘मेरी भी यह राय है कि अयोध्या में न कभी मस्जिद बन सकती है, न नमाज हो सकती है

Updated On: Nov 11, 2018 12:40 PM IST

FP Staff

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अयोध्या में राम मंदिर बने ताकि मुसलमान सुकून से रह सकें: रिजवी

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद गैयूरुल हसन रिजवी ने राम मंदिर मामले पर बयान दिया है. उनका कहना है कि विवादित स्थान पर राम मंदिर बनना चाहिए ताकि देश का मुसलमान ‘सुकून, सुरक्षा और सम्मान’ के साथ रह सके.

उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को जल्द फैसला करना चाहिए ताकि देश में शांति और भाईचारा मजबूत हो सके.

दरअसल, कुछ मुस्लिम संगठनों ने अयोध्या मामले का हवाला देते हुए आयोग को एप्लीकेशन दी है और इस मामले में आयोग से पहल करने की मांग की है.

अल्पसंख्यक आयोग 14 नवंबर को अपनी मासिक बैठक में इन एप्लीकेशन पर विचार करेगा और फिर सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मामले पर जल्द फैसला सुनाने का आग्रह कर सकता है.

रिजवी ने, ‘नेशनल माइनॉरिटी वेलफेयर आर्गनाइजेशन और कुछ अन्य संगठनों ने हमारे पास एप्लीकेशन देकर कहा है कि इस वक्त मुस्लिम समाज में डर का माहौल है और ऐसे में आयोग अयोध्या के मामले को लेकर पहल करे ताकि माहौल बेहतर हो सके.’

उन्होंने कहा, ‘इन संगठनों का कहना है कि मुस्लिम समाज राम मंदिर बनने दे और आगे यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ऐसा कोई दूसरा कोई विवाद खड़ा नहीं होगा.’

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या राम मंदिर मामले की सुनवाई कब से शुरू होगी इसका फैसला करने के लिए जनवरी, 2019 में सुनवाई होगी

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या राम मंदिर मामले की सुनवाई कब से शुरू होगी इसका फैसला करने के लिए जनवरी, 2019 में सुनवाई होगी

'अयोध्या में न कभी मस्जिद बन सकती है, न नमाज हो सकती है'

अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने कहा, ‘मेरी भी यह राय है कि अयोध्या में न कभी मस्जिद बन सकती है, न नमाज हो सकती है. वह स्थान 100 करोड़ हिंदुओं की भावना से जुड़ा है. इसलिए वह जमीन राम मंदिर के लिए हिंदुओं को सौंप दी जानी चाहिए ताकि मुसलमान सुकून, सुरक्षा और सम्मान के साथ रहे सकें और देश के विकास में बराबर की भागीदारी कर सकें.’

उन्होंने कहा, ‘14 नवंबर की बैठक में हम इन एप्लीकेशन पर चर्चा करेंगे. यह मामला कौर्ट के पास है और ऐसे में आयोग सिर्फ यही आग्रह कर सकता है कि मामले में जल्द फैसला सुनाया जाए.’

रिजवी ने कहा, ‘इस मामले में मेरा भी यह मानना है कि कोर्ट को जल्द फैसला सुनाना चाहिए ताकि समाज में शांति और भाईचारा मजबूत हो सके.’

(भाषा से इनपुट)

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