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संघ ने उठाए नीति आयोग के कामकाज पर सवाल

संघ समीक्षा करना चाहता है कि नीति आयोग अपने उद्देश्य में सफल हो रहा है या नहीं

Updated On: Dec 27, 2016 08:35 AM IST

Amitesh Amitesh

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संघ ने उठाए नीति आयोग के कामकाज पर सवाल

नीति आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े होने लगे हैं. लेकिन यह सवाल अब औरों की तरफ से नहीं बल्कि सरकार के अपनों की तरफ से ही किए जा रहे हैं. नीति आयोग के कामकाज को लेकर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से चिंता जताई जा रही है.

संघ से जुड़ा संघटन स्वदेशी जागरण मंच नए साल में एक विशेष सम्मेलन करने जा रहा है, जिसमें नीति आयोग के कामकाज की समीक्षा की जाएगी.

दिल्ली में दस जनवरी को होने वाले इस सम्मेलन में कई जाने-माने अर्थशास्त्री समेत सियासी दलों के नेताओं के भाग लेने की संभावना है.

नीति आयोग मानकों पर नहीं उतरा खरा 

दस जनवरी को होने वाले इस सम्मेलन में बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा, मुरली मनोहर जोशी और शांता कुमार शिरकत करेंगे.

स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने फ़र्स्टपोस्ट के साथ बातचीत में कहा कि योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग बनाने की घोषणा का मकसद था संघवाद को बढ़ावा देना. लेकिन नीति आयोग अब तक इस मानक पर खरा नहीं उतर सका है.

अश्विनी महाजन.

अश्विनी महाजन.

दरअसल आरएसएस मानता है कि नीति आयोग के बने दो साल पूरे हो चुके हैं. लिहाजा अब उसके काम काज की समीक्षा होनी चाहिए कि आखिर जिस मकसद से आयोग का गठन हुआ था, क्या सही मायने में उन उम्मीदों पर आयोग खरा उतर पा रहा है कि नहीं?

योजना आयोग से नीति आयोग बनाने का मकसद था 'सबका कल्याण सबकी भागेदारी'. लेकिन इन दो सालों में आखिरकार नीति आयोग का काम करने का अंदाज कैसा रहा? संघ मानता है इस पर चर्चा जरूरी है.

नियमों से परे है नीति आयोग की कार्य पद्धति

स्वदेशी जागरण मंच के अश्विनी महाजन कहते हैं कि जीएम फसल को लेकर अभी हाल ही में एक रिपोर्ट आई है, जिसमें जीएम को साइंटिफिक बताया गया है. लेकिन जिस कार्य पद्धति से नीति आयोग का गठन हुआ था, उसका पालन ही नहीं किया गया. न राज्य सरकारों से रायशुमारी की गई और न ही स्वदेशी जागरण मंच को भी बुलाया गया.

संघ को लगता है कि जीएम से केवल काॅरपोरेट का हित साधा जा सकेगा.

संघ का मानना है कि नीति आयोग को शिक्षा और स्वास्थ्य दो जरूरी बातों पर अपना सुझाव देना चाहिए. बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य नीति के लिए भी आयोग एक नई कोशिश जरूर कर सकता है.

लेकिन नीति आयोग पर पहले से ही आंखें तरेर रहे स्वदेशी जागरण मंच के इस सम्मेलन में माहौल कैसा होगा, इस पर सबकी नजरें होंगी, जब बीजेपी के भीतर इस वक्त  हाशिए पर चल रहे यशवंत सिंहा, मुरली मनोहर जोशी और शांता कुमार अपनी बात रखेंगे.

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