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42 साल बाद मंगोलिया आईं भारतीय विदेश मंत्री, कई मुद्दों पर हुई बात

मंगलवार को मंगोलिया पहुंची स्वराज ने कहा कि भारत और मंगोलिया की साझेदारी छह दशक पुरानी है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए हैं.

Updated On: Apr 25, 2018 04:46 PM IST

Bhasha

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42 साल बाद मंगोलिया आईं भारतीय विदेश मंत्री, कई मुद्दों पर हुई बात

मंगोलिया के दो दिवसीय दौरे पर उलानबातर पहुंची विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगोलिया के प्रधानमंत्री यू खुरेलसुख से बात की और द्विपक्षीय मुद्दे पर चर्चा की.  इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने छठी भारत - मंगोलिया संयुक्त समिति की बैठक के बाद अपने मंगोलियाई समकक्ष डी तोगतबातर के साथ संयुक्त मीडिया सम्मेलन में कहा कि दोनों देश साझा हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग की खातिर नए क्षेत्रों की पहचान करने और द्विपक्षीय सहयोग और निवेश बढ़ाने पर सहमत हुए हैं.

भारत और मंगोलिया ने बुनियादी ढांचे के विकास, उर्जा, सेवाओं और आईटी जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग पर चर्चा की. इसके अलावा दोनों देशों ने नई दिल्ली से मंगोलिया की राजधानी उलानबातर तक सीधी हवाई सेवा शुरू करने की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति जताई.

 

स्वराज ने कहा कि भारत , मंगोलिया को पूर्वी एशिया में स्थिरता लाने वाले कारक के रूप में देख रहा है और उसका मानना है कि इस क्षेत्र में शांति और समृद्धि लाने के लिए मंगोलिया का सामाजिक और आर्थिक विकास महत्वपूर्ण है.

आतंकवाद पर हुई चर्चा

संयुक्त समिति की बैठक के दौरान दोनों देशों ने वैश्विक चुनौतियों खासकर आतंकवाद से निपटने पर चर्चा की और आंतकी संगठनों को समर्थन देने वालों को रोकने के लिए द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर सहमति जताई.

दोनों पक्षों ने मंगोलिया में रिफाइनरी परियोजना समेत आपसी सहयोग वाली मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. सुषमा स्वराज ने कहा , 'हमने अधिकारियों को इन परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया है. आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. अपने प्राकृतिक संसाधनों और विकास की मजबूत आकांक्षा के बल पर मंगोलिया भी भारत की वृद्धि में महत्वपूर्ण भागीदार साबित हो सकता है.'

सुषमा स्वराज मंगलवार को मंगोलिया की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंची हैं. वह 42 साल में मंगोलिया की यात्रा पर आने वाली पहली भारतीय विदेश मंत्री हैं.

स्वराज ने कहा कि भारत और मंगोलिया की साझेदारी छह दशक पुरानी है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए हैं. यह हमारी व्यापक और गहन रणनीतिक भागीदारी में दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'ऐतिहासिक यात्रा' ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाया है.

 

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