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सर्जिकल स्ट्राइकः रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हूडा का बड़ा बयान, कहा- हुआ जरूरत से ज्यादा प्रचार

डी एस हूडा ने कहा, मुझे लगता है कि इस मामले को जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया, सेना का ऑपरेशन जरूरी था और हमें यह करना था.,अब इस पर इतनी राजनीति हुई, यह सही है या गलत, यह तो हमें राजनेताओं से पूछना चाहिए

Updated On: Dec 08, 2018 11:24 AM IST

FP Staff

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सर्जिकल स्ट्राइकः रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हूडा का बड़ा बयान, कहा- हुआ जरूरत से ज्यादा प्रचार

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी Pok में छिपकर बैठे आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के करीब दो साल बाद रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हूडा ने इसे लेकरर एक बड़ा बयान दिया है. उनका मानना है कि इस मामले को जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया. जरूरत से ज्यादा इसे सबके सामने लाया गया. हूडा ने कहा, मुझे लगता है कि इस मामले को जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया. सेना का ऑपरेशन जरूरी था और हमें यह करना था. अब इस पर इतनी राजनीति हुई, यह सही है या गलत, यह तो हमें राजनेताओं से पूछना चाहिए. डी एस हुड्डा ने कहा कि सफलता पर शुरुआती खुशी स्वाभाविक है लेकिन अभियान का लगातार प्रचार करना अनुचित है.

पाकिस्तान घुसपैठ रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाता है

वहीं एलओसी पर होने वाली किसी अप्रिय घटना से सीमा पर तैनात सैनिकों को कैसे निपटना चाहिए? इस सवाल के जवाब में हूडा ने कहा- मुझे लगता है कि नियंत्रण रेखा पर जिस तरह की चीजें हो रही हैं, उस सूरत में जब तक पाकिस्तान तनाव कम करने या घुसपैठ रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाता है, तब तक हमें बेहद सक्रिय और अप्रत्याशित जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए. बता दें कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने इस साल सितंबर में बताया था कि भारतीय सेना 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के लिए जून 2015 से ही तैयारी कर रही थी.

भारतीय सेना और भी सर्जिकल स्ट्राइक कर सकती है

इसके साथ ही उन्होंने बताया था कि जवानों को साफ संदेश दिया गया था कि यहां असफलता की जगह नहीं है. जनरल सुहाग ने इसके साथ ही दावा किया था कि जरूरत पड़ने पर भारतीय सेना और भी सर्जिकल स्ट्राइक कर सकती है. उन्होंने तब कहा था- हमनें अपनी काबिलियत दिखा दी है. हमारे जवान बेहद प्रेरित और एक बार ऐसा कर चुके हैं तो वह दोबारा भी इसे करने को लेकर आश्वस्त हैं. इसलिए, अगर हम एक बार ऐसा कर सकते हैं, तो हम दोबारा भी कर सकते हैं और जरूरत हुई तो बार-बार ऐसा कर सकते हैं. जनरल हुड्डा 29 सितंबर 2016 को एलओसी के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त उत्तरी सैन्य कमान के कमांडर थे. उरी में आतंकवादी हमले के जवाब में यह हमला किया गया था.

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