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रोहिंग्या को वापस भेजने पर SC में आज फैसला, CJI की बेंच करेगी सुनवाई

केंद्र सरकार ने याचिका दाखिल करने वाले की साख पर प्रश्न उठाया है कि रोहिंग्याओं के प्रत्यर्पण पर रोक लगाने का मकसद क्या है

FP Staff Updated On: Apr 09, 2018 11:18 AM IST

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रोहिंग्या को वापस भेजने पर SC में आज फैसला, CJI की बेंच करेगी सुनवाई

रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस उनके वतन भेजना है या वे भारत में रह सकते हैं, इस मसले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी.

केंद्र सरकार ने याचिका दाखिल करने वाले की साख पर प्रश्न उठाया है कि रोहिंग्याओं के प्रत्यर्पण पर रोक लगाने का मकसद क्या है. केंद्र का मानना है कि ऐसी जनहित याचिकाएं देश की जनसांख्यिकी को अस्थिर करती हैं.

अगस्त में केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि देश में रहने वाले रोहिग्या शरणार्थियों को उनके वतन भेजा जाएगा क्योंकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं. म्यांमार के रखाइन प्रांत में धार्मिक हिंसा भड़कने के बाद बड़ी संख्या में रोहिंग्या शरणार्थी जम्मू, हैदराबाद, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में बस गए हैं.

पिछले साल अगस्त में रखाइन में भड़की हिंसा के बाद 6 लाख से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेश के कैंपों में रह रहे हैं. भारत में इन्हें रहने देने के लिए दायर याचिका के खिलाफ केंद्र सरकारी की ओर से वरिष्ठ वकील तुषार मेहता सुप्रीम कोर्ट में जिरह करेंगे.

उधर, संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि रखाइन प्रांत में बांग्लादेश से रोहिंग्याओं की वापसी के लिए स्थितियां सही नहीं हैं. हालांकि म्यांमार का कहना है कि वह रोहिंग्याओं की वापसी के लिए तैयार है. सेना की खूनी कार्रवाई से बचने के लिए अगस्त से करीब 700,000 रोहिंग्या मुसलमान भागकर सीमापार जा चुके हैं. शरणार्थियों ने म्यांमार और उसके सशस्त्र बलों पर हत्या और बलात्कार का आरोप लगाया है.

सेना ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि उसका अभियान रोहिंग्या आतंकवादियों के 25 अगस्त के हमले के जवाब में वैध जवाबी कार्रवाई था.

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