S M L

सुप्रीम कोर्ट कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ करेगा सुनवाई

कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने कहा कि पूरी फर्म का प्रबंधन सरकार ने अपने हाथ में ले लिया है और इसलिए अपील पर तत्काल सुनवाई की जानी चाहिए

Updated On: Dec 11, 2017 04:19 PM IST

FP Staff

0
सुप्रीम कोर्ट कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट संकटग्रस्त रियल एस्टेट फर्म यूनीटेक लि का प्रबंधन केंद्र सरकार को अपने हाथ में लेने के नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर कल सुनवाई करने के लिये आज सहमत हो गया.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस धनन्जय वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने रियल एस्टेट फर्म के इस कथन पर विचार किया कि उसके बैंक खाते सील हैं और कंपनी और जेल में बंद उसके प्रवर्तकों को शीर्ष अदालत के निर्देशानुसार 750 करोड़ रूपए जमा करने में कठिनाई आ रही है.

कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने हाल ही में कंपनी कानून के प्रावधान लागू करते हुये केंद्र सरकार को यूनीटेक लि का प्रबंध अपने हाथ में लेने तथा फर्म के बोर्ड में अपने निदेशकों की नियुक्ति करने की अनुमति दे दी थी.

कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने कहा कि पूरी फर्म का प्रबंधन सरकार ने अपने हाथ में ले लिया है और इसलिए अपील पर तत्काल सुनवाई की जानी चाहिए.

शीर्ष अदालत ने 20 नवंबर को तिहाड़ जेल प्राधिकारियों को जेल में बंद यूनीटेक लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय चंद्रा को संभावित खरीदारों के साथ बातचीत के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था क्योंकि कोर्ट ने मकान खरीदारों के हितों की रक्षा के लिये उन्हें दिसंबर के अंत तक 750 करोड रूपए जमा कराने का आदेश दिया है.

शीर्ष अदालत ने 30 अक्टूबर को कहा था कि रियल एस्टेट फर्म द्वारा यह रकम दिसंबर के अंत तक न्यायालय की रजिस्ट्री में जमा कराने के बाद ही जेल में बंद कारोबारी को जमानत दी जाएगी.

चंद्रा ने शीर्ष अदालत से अंतिरम जमानत देने का अनुरोध किया था क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट ने यूनीटेक लि के गुरूग्राम में ‘वाइल्ड फ्लावर काउंटी’ और ‘अंथिया प्रोजेक्ट’ के 158 मकान खरीदारों द्वारा दायर आपराधिक मामले में उनका अनुरोध 11 अगस्त को अस्वीकार कर दिया था.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi