Co Sponsor
In association with
In association with
S M L

200 दिन में पेपरलेस यानी डिजिटल हो जाएगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने इस संबंध में घोषणा की है

FP Staff Updated On: Mar 24, 2017 09:42 AM IST

0
200 दिन में पेपरलेस यानी डिजिटल हो जाएगा सुप्रीम कोर्ट

भारत की न्यायपालिका व्यवस्था में ये संभव नहीं कि कागजी माथापच्ची से पीछा छुड़ाया जा सके. एक केस की हजारों पन्ने की फाइल और फिर उनका संग्रह ये सब बहुत पेंचीदा होता है. अब इससे निजात पाने की कोशिश चल रही है. सुप्रीम कोर्ट अगले 200 दिन में पूरी तौर पर डिजिटल होने की तैयारी कर रहा है.

चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया जेएस खेहर ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगले 6 से 7 महीने में पूरी तरह पेपर लेस हो जाएगा. जस्टिस डीएस चंद्रचूड और संजय के कौल ने कहा, हम सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ही ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के रिकॉर्ड लेंगे.

केस की अर्जी करने वालों को रिकॉर्ड पेश करने की कोई जरूरत नहीं होगी. याचिकाकर्ता को सिर्फ ये बताना होगा कि किस आधार पर वह फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रहा है.गौरतलब हो कि हर साल औसतन 70 हजार मामले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए आते हैं.

हर केस में ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले की कॉपी, संलग्नित दस्तावेज और रेफरेंस पेपर मिलाकर 100 पेज से ज्यादा की फाइल हो जाती है. इसके अलावा तमाम लॉ फर्म हैं जो लगातार केस फाइल करते रहते हैं. समूह में याचिकाएं आती हैं, इस तरह ये सब मिलाकर कभी कभी 200 से ज्यादा पेज की फाइल भी बन जाती है.

इस तरह हर साल सुप्रीम कोर्ट में 70 लाख पेज सफेद कागज जो कि सामान्य ए4 शीट से ज्यादा बड़ा होता है, जमा हो जा रहा है. इस तरह अगर चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया के फैसले को लागू करने में सुप्रीम कोर्ट प्रशासन सफल रहा है तो देश बड़ी तादाद में कागज को बचाने में सफल रहेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह की याचिका पर दिया, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली को डिजिटल करने के लिए ट्रांसपेरेंट और स्पष्ट दिशा निर्देश बनाने की मांग की थी.

( साभार: न्यूज 18 )

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
AUTO EXPO 2018: MARUTI SUZUKI की नई SWIFT का इंतजार हुआ खत्म

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi