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CBI Vs CBI: नागेश्वर राव के 'हाथ' बांधने वाले SC के फैसले की बड़ी बातें

सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ने छुट्टी पर भेजे जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी, जिस पर कोर्ट ने सुनवाई की

Updated On: Oct 26, 2018 01:30 PM IST

FP Staff

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CBI Vs CBI: नागेश्वर राव के 'हाथ' बांधने वाले SC के फैसले की बड़ी बातें
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सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है. सीजेआई रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की. इस बेंच में सीजेआई के अलावा जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ शामिल थे. सुप्रीम कोर्ट ने ताजा विवाद पर केंद्र सरकार को नोटिस भेजते हुए कहा कि सीवीसी आलोक वर्मा के खिलाफ दो हफ्ते में जांच पूरी करे. इस मामले पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की देखरेख में इस मामले की जांच होगी. आइए जानते हैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रमुख बातें.

- सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा के लिए जिरह कर रहे थे वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन. उन्होंने कहा- वर्तमान मामला इस बात को लेकर है कि क्या सबीबीआई डायरेक्टर के दो साल के कार्यकाल को किसी भी समय समाप्त कर देना उल्लंघन नहीं है?

- सीजेआई रंजन गोगोई ने आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम मामले की जांच करेंगे. एकमात्र चीज जो हमें देखना है वह यह है कि किस प्रकार का अतंरिम आदेश पारित किया जाना है.

- सीजेआई रंजन गोगोई ने अटॉर्नी जनरल से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज या रिटायर्ड जस्टिस द्वारा मामले की जांच करवाई जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए रिटायर्ड एससी जज एके पटनायक का नाम तय किया है.

- सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि अंतरिम सीबीआई निदेशक कोई भी नीतिगत फैसला नहीं लेंगे. वह सिर्फ नियमित काम देखेंगे और कोई भी बड़ा फैसला लेने का अधिकार उन्हें नहीं है.

- सीजेआई ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नागेश्वर राव के अंतरिम निदेशक बनने के बाद से जितने भी फैसले लिए गए हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 12 नवंबर को सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करना होगा.

- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोप और प्रत्यारोपों पर सीवीसी की जांच अदालत की निगरानी में 10 दिन के भीतर पूरी की जानी चाहिए. केंद्र सरकार और सीबीआई सीवीसी की सीलबंद रिपोर्ट 10 दिन के भीतर अदालत में पेश करेंगे. इसपर सीवीसी ने कहा कि 10 दिन का समय पर्याप्त नहीं है. जिसके बाद उन्हें दो हफ्ते का समय कोर्ट ने दिया है.

- सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी, केंद्र सरकार और सीबीआई स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को नोटिस जारी किया है. मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी. सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जबतक मामले की अगली सुनवाई नहीं कर लेता तबतक नागेश्वर राव एक भी नीतिगत फैसला नहीं लेंगे.

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