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सिगरेट-तंबाकू के पैकेट पर चेतावनी का मामला, SC में होगी सुनवाई

कर्नाटक हाईकोर्ट ने तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर 85 प्रतिशत हिस्से में चेतावनी देने वाले नियम को रद्द कर दिया था

Updated On: Dec 22, 2017 03:32 PM IST

FP Staff

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सिगरेट-तंबाकू के पैकेट पर चेतावनी का मामला, SC में होगी सुनवाई

सिगरेट और तंबाकू के पैकेट के 85 प्रतिशत हिस्से पर सचित्र चेतावनी देने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं को सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है. कर्नाटक हाईकोर्ट ने इन उत्पादों के पैकेट पर 85 प्रतिशत हिस्से में चेतावनी देने वाले नियम को रद्द कर दिया था. इससे पुराना नियम प्रभावी हो गया जिसके अनुसार 40 फीसदी हिस्से पर ही तस्वीर छापी जाएगी.

तंबाकू कंपनियों द्वारा इस नियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं के जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह शुक्रवार को इन पर सुनवाई करेगा.

कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश के बाद, तंबाकू विरोधी कार्यकर्ता और कई डॉक्टरों ने ग्लोबल एडल्ट तंबाकू सर्वे (जीएटीएस) 2016-17 के नवीनतम आंकड़े का हवाला दिया और बताया कि पैकों पर बड़ी चेतावनियां लोगों को तंबाकू का सेवन करने से रोकने के लिए एक सफल प्रयास रहा है.

कर्नाटक हाईकोर्ट के निर्णय को चुनौती देने के लिए एनजीओ हेल्थ फॉर मिलियन की तरफ से दायर याचिका दायर की गई थी. कर्नाटक हाईकोर्ट ने सिगरेट और गुटका के पैकेट पर 85 प्रतिशत हिस्से पर सचित्र चेतावनी को रद्द कर दिया था.

कर्नाटक हाईकोर्ट का यह आदेश तंबाकू कंपनियों के लिए एक जीत की तरह था तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य की तरफदारी करने वालो के लिए एक झटके की तरह था.

जुलाई, 2015 में राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद पैकेट पर बड़ी चेतावनी देने की शुरुआत हुई. जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने 2014 के अधिसूचना को लागू करने के लिए कहा था. इसमें 85 प्रतिशत चेतावनियां जरूरी थीं.

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