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SC ने केंद्र को फटकारा- क्या आपको बदरंग होते ताजमहल की परवाह है?

सुप्रीम कोर्ट लगातार ताजमहल और इसके आसपास के इलाकों की गतिविधियों की निगरानी कर रही है

Updated On: May 01, 2018 04:09 PM IST

Bhasha

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SC ने केंद्र को फटकारा- क्या आपको बदरंग होते ताजमहल की परवाह है?

सुप्रीम कोर्ट ने विश्व धरोहर ताजमहल के बदलते रंग पर चिंता जताते हुए मंगलवार को कहा कि सफेद रंग का यह स्मारक पहले पीला हो रहा था लेकिन अब यह भूरा और हरा होने लगा है. क्या हमें इसके संरक्षण के लिए बाहर से मदद मंगानी होगी?

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने केंद्र को सुझाव दिया कि भारतीय और विदशी विशेषज्ञों की मदद लेकर पहले इसके नुकसान का आकलन किया जाए और फिर इस ऐतिहासिक स्मारक का मूल रूप बहाल करने के लिये कदम उठाए जाएं.

बेंच ने कहा, ‘हमें नहीं पता कि आपके पास इसकी विशेषज्ञता है या नहीं है. यदि आपके पास विशेषज्ञता हो तो भी आप इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं. या शायद आप परवाह नहीं करते.’

बेच ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि ऐसा कोई निर्णय नहीं हो कि ताज को जाना ही होगा तो शायद हमें भारत के बाहर के किसी विशेष दक्षता प्राप्त संगठन की आवश्यकता होगी. आप भारत और विदेशों के विशेषज्ञों की मदद ले सकते हैं.’

इससे पहले कोर्ट ने पर्यावरणविद् अधिवक्ता महेश चंद्र मेहता की तरफ से पेश तस्वीरें देखीं और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एएनएस नाडकर्णी से सवाल किया कि ताजमहल का रंग क्यों बदल रहा है. पीठ ने कहा कि पहले यह पीला था और अब यह भूरा और हरा हो रहा है.

नाडकर्णी ने पीठ को बताया कि ताजमहल का प्रबंधन पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को करना होता है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अब नौ मई को सुनवाई करने का फैसला किया है.

पर्यावरणविद् मेहता ने मथुरा तेलशोधक संयंत्र से निकलने वाले धुएं से होने वाले वायु प्रदूषण से ताजमहल को हो रहे नुकसान और इसके संरक्षण के लिए जनहित याचिका दायर कर रखी है. सुप्रीम कोर्ट लगातार ताजमहल और इसके आसपास के इलाकों की गतिविधियों की निगरानी कर रहा है.

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