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ताजमहल की देखभाल नहीं कर सकते तो ध्वस्त कर दो: केंद्र को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

सुप्रीम कोर्ट जज ने कहा कि हर साल 80 मिलियन लोग एफिल टावर को देखने जाते हैं जो दरअसल एक टीवी टावर की तरह दिखता है, हमारा ताज उससे ज्यादा सुंदर है

FP Staff Updated On: Jul 11, 2018 04:20 PM IST

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ताजमहल की देखभाल नहीं कर सकते तो ध्वस्त कर दो: केंद्र को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

ताजमहल के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आप इसकी देखभाल नहीं कर सकते तो हम इसे बंद कर देंगे या आप इसे ध्वस्त कर दो. बुधवार को कोर्ट में ताजमहल के समुचित देखभाल के लिए दायर की गई याचिका पर सुनवाई हो रही थी.

मामले की सुनवाई करते हुए जज ने कहा कि ताज एफिल टावर से भी ज्यादा सुंदर है और इसके जरिए हम अपने विदेशी मुद्रा की दिक्कत को भी दूर कर सकते हैं. इस दौरान जज ने एफिल टावर की तुलना एक टीवी टावर से कर दी.

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट जज ने कहा कि हर साल 80 मिलियन लोग एफिल टावर को देखने जाते हैं जो दरअसल एक टीवी टावर की तरह दिखता है. हमारा ताज उससे ज्यादा सुंदर है. अगर आपने इसकी देखभाल की होती तो इससे हमारे देश की विदेशी मुद्रा की समस्या दूर हो गई होती.

उन्होंने कहा कि केवल एक स्मारक देश की समस्या का समाधान कर सकता है. क्या आपको अपनी उदासीनता के कारण देश को हुई हानि का एहसास है? जबकि देश में इतने सारे स्मारक हैं.'

अदालत ने यूपी सरकार द्वारा ताजमहल के संरक्षण के लिए विजन डॉक्यूमेंट पेश नहीं कर पाने पर भी नाराजगी जताई. इसके साथ ही पूछा कि इस मामले में केंद्र की तरफ से क्या किया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने फिर सवाल उठाया कि टीटीजेड (ताज ट्रैपेजियम जोन) एरिया में उद्योग लगाने के लिए आ रहे आवेदन पर विचार हो रहा है. ये आदेशों का उल्लंघन है. सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा पीएचडी चेंबर्स को कहा है कि जो इंड्रस्‍टी चल रही है उसको क्यों न आप खुद बंद करें. जज ने कहा कि 31 जुलाई से इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई होगी.

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