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समलैंगिक रिश्तों को अपराध?...सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ ने केन्द्र को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश भी दिया है

Updated On: Apr 23, 2018 06:46 PM IST

Bhasha

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समलैंगिक रिश्तों को अपराध?...सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दो वयस्कों के बीच परस्पर सहमति से बने समलैंगिक यौन संबंधों को अपराध बताए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ होटल कारोबारी केशव सूरी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए.एम. खानविलकर और जस्टिस डी.वाई चन्द्रचूड़ की तीन सदस्यीय पीठ ने केशव सूरी की याचिका पर केन्द्र को नोटिस जारी किया. पीठ ने केन्द्र को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश भी दिया है.

सूरी ने अपनी याचिका में कहा है, ‘भारतीय दंड संहिता की धारा 377 कानून की किताब में रहने के कारण अनेक वयस्क और परस्पर सहमति से समलैंगिक यौन संबंध बनाने वाले एलजीबीटीक्यू (समलैंगिक, उभय लिंगी, ट्रांसजेन्डर और क्वीर) सदस्यों को झूठे मुकदमों की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. और कुछ तो वास्तव में इसका सामना कर रहे हैं.’

सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने कहा कि इस याचिका पर पहले से ही इस मामले पर, और ऐसे ही अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली संविधान पीठ ही विचार करेगी.

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