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चांद-तारे वाले हरे झंडे पर हंगामा, रिजवी की याचिका पर SC ने केंद्र से मांगा जवाब

यूपी शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने एससी में हरे रंग के चांद तारे वाले झंडे पर रोक लगाने की मांग की है.

Updated On: Jul 16, 2018 04:57 PM IST

FP Staff

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चांद-तारे वाले हरे झंडे पर हंगामा, रिजवी की याचिका पर SC ने केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानों में प्रचलित चांद-तार वाले हरे झंडे मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि यूपी शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने एससी में हरे रंग के चांद तारे वाले झंडे पर रोक लगाने की मांग की है.

जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने रिजवी की तरफ से पेश वकील से याचिका की एक कॉपी एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को देने के लिए कहा जिससे केंद्र जवाब दे सके.

बता दें कि रिजवी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस झंडे का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है, यह झंडा पाकिस्तान के राजनीतिक दल के झंडे जैसा दिखता है. रिजवी ने कहा कि इन झंडों को मुंबई समेत कई इलाकों में कई इमारतों और धार्मिक जगहों पर लगाया गया जिसकी वजह से हिंदू और मुस्लिम में कथित तौर पर तनाव पैदा हो रहा है.

रिजवी ने झंडा फहराने पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि जो लोग ऐसा करते पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहिए. रिजवी ने यह भी कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब अपने कारवां में सफेद या काले रंग के झंडे लगाते थे. जबकि चांद-तारे के निशान वाला हरा झंडा 1906 में पुरानी मुस्लिम लीग के वकार उल माली व मोहम्मद अली जिन्ना ने बनाया था.

जब 15 अगस्त 1947 को भारत के आजाद होने के बाद यह पार्टी खत्म हो गई तो पाकिस्तान मुस्लिम लीग नाम से नई पार्टी बनाई गई और इस चांद-तारे वाले हरे झंडे को इसका ध्वज बनाया गया.

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