विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

फर्जी जाति प्रमाणपत्र से मिली नौकरी वैद्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

इस आदेश को पिछली तिथि से लागू नहीं किया जा सकता है, यह फैसला भविष्य में आने वाले मामलों में ही प्रभावी होगा

FP Staff Updated On: Jul 06, 2017 01:26 PM IST

0
फर्जी जाति प्रमाणपत्र से मिली नौकरी वैद्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षण के तहत मिली सरकारी नौकरी या दाखिले को कानून की नजरों में वैध नहीं ठहराया जा सकता है.

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्त जे.एस. खेहर और न्यायमूर्ति डी.वाई.चन्द्रचूड़ की पीठ ने इस संदर्भ में बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को सही नहीं ठहराया जिसने कहा था कि अगर कोई व्यक्ति बहुत लंबे समय से नौकरी कर रहा है और बाद में उसका प्रमाणपत्र फर्जी पाया जाता है तो, उसे सेवा में बने रहने की अनुमति दी जा सकती है.

बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार द्वारा दायर याचिका सहित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने आज यह फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि कहा कि इस आदेश को पिछली तिथि से लागू नहीं किया जा सकता है, यह फैसला भविष्य में आने वाले मामलों में ही प्रभावी होगा.

(साभार: न्यूज़ 18 हिंदी)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi