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10% सवर्ण आरक्षण पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, केंद्र सरकार को दिया नोटिस

आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को नौकरी और शिक्षण संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है

Updated On: Jan 25, 2019 12:13 PM IST

FP Staff

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10% सवर्ण आरक्षण पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, केंद्र सरकार को दिया नोटिस

आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को नौकरी और शिक्षण संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की नेतृत्व वाली बेंच ने कहा कि हम इस मामले का निरीक्षण करेंगे. हालांकि कोर्ट ने इसपर स्टे लगाने से इनकार कर दिया है. सरकार को नोटिस का जवाब 4 सप्ताह के अंदर देना है.

सीजेआई रंजन गोगोई की बेंच ने कहा कि इस मामले पर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई 4 सप्ताह के अंदर होगी. सुप्रीम कोर्ट में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण देने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ कई याचिकाएं दाखिल की गई थी. इन याचिकाओं में कोर्ट से आरक्षण देने पर रोक लगाने की मांग की गई थी लेकिन कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया.

हाल ही में केंद्र सरकार ने संविधान संशोधन विधेयक के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का बिल संसद से पास कराया था. राज्यसभा और लोकसभा से बिल के पारित होने के बाद राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के साथ ही यह विधेयक कानून बन चुका है.

याचिकाओं में संशोधन को खारिज करने की मांग की गई थी और कहा गया था कि आरक्षण देने का एकमात्र आधार आर्थिक नहीं हो सकता है. याचिका में कहा गया है कि यह संविधान की मूल भाव का उल्लंघन करता है क्योंकि आर्थिक आधार पर आरक्षण सामान्य श्रेणियों तक सीमित नहीं हो सकता है और 50 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन नहीं किया जा सकता है.

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