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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, दिल्ली-NCR में 24 घंटे बिजली क्यों नहीं?

कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर मेें बिजली की कमी और वितरण में गड़बड़ी पर केंद्र सरकार से 4 दिसंबर तक जवाब मांगा है

Updated On: Nov 20, 2017 02:07 PM IST

FP Staff

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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, दिल्ली-NCR में 24 घंटे बिजली क्यों नहीं?

दिल्ली-एनसीआर में बिजली की कटौती पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से पूछा है कि 'दिल्ली-एनसीआर में चौबीसों घंटे बिजली क्यों नहीं है?'

जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली-एनसीआर मेें बिजली की कमी और वितरण में गड़बड़ी पर सरकार से जवाब मांगा है.

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के 22 जिले आते हैं. कोर्ट ने इस बारे में सरकार से 4 दिसंबर तक जवाब तलब किया है.

वकील अपरजिता सिंह ने अपनी अर्जी में कहा कि केंद्र सरकार को दिल्ली-एनसीआर में निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ध्यान देना चाहिए.

बेंच ने उनकी प्रस्तुति को स्वीकार करते हुए दिल्ली-एनसीआर में चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए कहा. साथ ही बिजली के उत्पादन और वितरण का भी आंकड़ा मांगा.

Supreme Court of India

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया

अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या एनसीआर में सभी विद्युत संयंत्रों को पर्याप्त गैस की आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सकती है जिससे वो कोयले के बदले गैस का उपयोग कर सकें.

दाखिल की गई अर्जी के अनुसार, कोयला की तुलना में गैस एक साफ-सुथरा ईंधन है. इसलिए पर्यावरण संबंधी चिंताओं को देखते हुए इसका गैस से बदला जाना आवश्यक है.

आवेदन में कोयला से चलने वाले बिजली संयंत्रों की स्थिति और इसे नेचुरल गैस से बदलने में लगने वाले समय को लेकर भी पूछा गया है.

देश में दो-तिहाई बिजली कोयला से चलने वाले थर्मल प्लांट से पैदा होती है जबकि गैस आधारित, पनबिजली और सौर ऊर्जा संयंत्र मिलकर शेष बिजली उत्पादन करते हैं.

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