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सुप्रीम कोर्ट: जम्मू-कश्मीर में लागू अनुच्छेद 35A पर सुनवाई टली

सुप्रीम कोर्ट में आज तीन अहम मामलों पर सुनवाई जारी है

| October 30, 2017, 04:42 PM IST

FP Staff

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Oct 30, 2017

  • 16:24(IST)

    जम्मू-कश्मीर में लागू अनुच्छेद 35A पर सुनवाई टल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने आठ हफ्तों के लिए सुनवाई को टाल दिया है. 

  • 15:18(IST)

    आधार लिंक कराने की डेडलाइन का मुद्दा यह है कि जिन लोगों के पास अब तक आधार कार्ड नहीं है उन्हें सरकार रिआयत देगी और सभी सेवाओं को 31 मार्च, 2018 तक जोड़ दिया जाएगा. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यही रिआयत उन्हें क्यों नहीं दी जा रही है जिनके पास पहले से आधार कार्ड है.

  • 14:42(IST)

    सुप्रीम कोर्ट में आधार मामले की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय संवैधानिक बेंच का गठन होगा.

  • 14:32(IST)

    चीफ जस्टिस ने कहा, 'वह नवंबर के अंत तक आधार बेंच गठित करने की कोशिश करेंगे.'

  • 14:24(IST)

    अटर्नी जनरल ने कहा, 'वह इस मामले पर बहस करना चाहते हैं लेकिन इसके लिए वो थोड़ा वक्त लेंगे. उन्होंने इसके लिए मार्च तक का समय मांगा.'

  • 14:21(IST)

    आर्टिकल 35ए पर कोर्ट की सुनवाई के बीच राजनीतिक गहमागहमी भी तेज है. जहां एक ओर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इसमें बदलाव करने पर विचार करने की बात कही थी वहीं कश्मीरी अलगाववादियों ने धमकी दी है कि अगर फैसला 'उनके हितों के खिलाफ' हुआ तो वो आंदोलन करेंगे. आखिर क्या है आर्टिकल 35ए और क्यों इसे लेकर इतना हंगामा हो रहा है. यहां क्लिक कर जानिए.

  • 14:06(IST)
  • 14:03(IST)

    दो बजे अटर्नी जनरल आधार पर अपना पक्ष रखेंगे.

  • 13:26(IST)

    सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को केरल के लव जिहाद मामले पर सुनवाई हो रही है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है. आपको बता दें कि एक मुस्लिम शख्स ने केरल हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. क्योंकि हाईकोर्ट ने उसकी हिंदू लड़की से शादी को रद्द कर दिया था.

    अदालत ने इस मामले में बड़ी टिप्पणि करते हुए कहा कि शादी के मामले में लड़की की सहमति सबसे ऊपर है. अगर कोई किसी अपराधी से भी शादी करना चाहे तो उसे कोई कानून जबरदस्ती रोक नहीं सकता. इस मामले में लड़की हादिया के पिता ने बंद कमरे में कैमरों के साथ सुनवाई करने की मांग की थी. अदालत ने इसे खारिज करते हुए कहा कि अगली सुनवाई 27 नवंबर को खुली अदालत में दोपहर तीन बजे होगी.

  • 13:02(IST)

    शादी निजी मामला है, अगर कोई किसी अपराधी से भी शादी करना चाहे तो कानून इसे नहीं रोक सकता. 

  • 12:55(IST)

    अदालत हादिया का बयान 27 नवंबर को खुली अदालत में दोपहर तीन बजे सुनेगी.

    हादिया के पिता अशोकन केएम ने कोर्ट से बंद कमरे में कैमरे में सुनवाई की अपील की थी.

  • 12:49(IST)


    अगस्त में जारी हुए एक वीडियो में हादिया एक्टिविस्ट राहुल ईश्वर से मदद की अपील कर रही थी. वो अपने आप को वहां से बाहर ले जाने की गुजारिश कर रही थी. केरल हाईकोर्ट के आदेश के बाद हादिया अपने पिता के साथ रह रही है

  • 12:33(IST)

    मुल्ला पेरियार केस- तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश की है. इसमें कहा गया है कि बांध पूरी तरह से सुरक्षित है. केरल सरकार को चाहिए कि वो अपने लोगों को सुरक्षा उपाय समझाएं

  • 12:21(IST)

    आधार सुनवाई- पश्चिम बंगाल सरकार के वकील के तौर पर कपिल सिब्बल पेश हुए हैं. उन्होंने अदालत से कहा कि ये अपील राज्य सरकार के श्रम विभाग की तरफ से की गई है. क्योंकि आधार की योजनाओं का लाभ उन्हें ही जनता को देना होता है. 

    अदालत की बेंच ने सिब्बल से कहा कि ममता बनर्जी निजी तौर पर अपील करें. केंद्र के फैसले को कोई निजी तौर पर ही चैलेंज कर सकता है. 

  • 12:14(IST)

    संघ परिवार आर्टिकल 35 ए पर हो रही सुनवाई पर ध्यान देगा. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयदशमी पर संविधान में जरूरी बदलावों की बात कही थी. 

  • 12:03(IST)

    आधार को मोबाइल से लिंक कराने के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने जो याचिका दायर की थी उसमें वो बदलाव करेगी और याचिका दोबारा दायर करेगी. इससे पहले मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र द्वारा पारित कानून को कैसे चुनौती दे सकती है.

  • 11:52(IST)

    केरल लव जिहाद केस: सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि लड़की मर्जी सबसे ज्यादा मायने रखती है, मामले की सुनवाई जारी है.

  • 11:52(IST)

    आधार को मोबाइल से लिंक कराने के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस भेजा है. साथ ही कोर्ट ने सरकार से चार हफ्तों में जवाब देने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट: जम्मू-कश्मीर में लागू अनुच्छेद 35A पर सुनवाई टली

सुप्रीम कोर्ट में आज तीन अहम मुद्दों पर सुनवाई होनी है. इनमें से कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले संविधान के आर्टिकल 35A, आधार को विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं से लिंक कराने की आखिरी तारीख और केरल में लव जिहाद के मामले पर सुनवाई होगी.

सबसे अहम है संविधान के आर्टिकल 35A को लेकर दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई. जम्मू-कश्मीर के स्थाई निवासियों को विशेषाधिकार देने वाले संविधान के आर्टिकल 35A के खिलाफ कोर्ट में 4 याचिकाएं दायर की गई हैं. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.

वहीं जम्मू कश्मीर के तीन अलगाववादी नेताओं ने अनुच्छेद 35ए को रद्द करने की मांग करने वाली याचिकाओं के पक्ष में घाटी के लोगों से जन आंदोलन शुरू करने का अनुरोध किया है. साथ ही यह भी कहा कि राज्य सूची के विषय से छेड़छाड़ फलस्तीन जैसी स्थिति पैदा करेगा. संयुक्त बयान में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासिन मलिक ने लोगों से अनुरोध किया, यदि सुप्रीम कोर्ट राज्य के लोगों के हितों और आकांक्षा के खिलाफ कोई फैसला देता है, तो वे लोग एक जनआंदोलन शुरू करें.

वहीं सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अलग-अलग योजनाओं और सुविधाओं को आधार कार्ड से जोड़ने को लेकर सुनवाई होनी है. साथ ही आधार को लिंक कराने की तारीख सभी के लिए 31 मार्च 2018 तक बढ़ाने को लेकर भी कोर्ट में सुनवाई होगी.

गौरतलब है कि सरकार ने कोर्ट को बताया था कि आधार को लिंक कराने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च की जाएगी. लेकिन ये समय सीमा सिर्फ उन लोगों के लिए बढ़ाई जा रही है जिनके पास आधार कार्ड नहीं है. जिनके पास आधार नहीं है उन्हें जल्द से जल्द आधार के लिए अप्लाई करना होगा. वहीं जिनके पास आधार है उनके लिए आखिरी तारीख 31 दिसंबर ही रहेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से कहा था कि डेडलाइन सभी के लिए बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए. आधार को मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट से जोड़ने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं. इनमें से एक याचिका पश्चिम बंगाल सरकार ने भी लगाई है. ममता सरकार ने सोशल वेलफेयर योजनाओं के लिए आधार की अनिवार्यता को चुनौती दी है.

वहीं तीसरी अहम सुनवाई केरल के लव जिहाद मामले की है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली ही बेंच सोमवार को केरल के बहुचर्चित 'लव जिहाद' केस की सुनवाई करेगी. इसमें एक मुस्लिम युवक ने केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. केरल हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम युवक और हिंदू महिला की शादी को लव जिहाद का मामला मानते हुए शादी को रद्द कर दी थी.

इस केस में अखिला नाम की 24 साल की लड़की ने अपने परिवार के खिलाफ धर्म बदलकर शफीन जहान से शादी कर ली थी. अखिला के पिता जो कि आर्मी से रिटायर हैं वह उस शादी के खिलाफ केरल हाईकोर्ट पहुंचे थे, हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाकर अखिला को उनके साथ घर भेज दिया था.

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