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सुप्रीम कोर्ट ने देश में पुलिस सुधार के लिए जारी किए कई निर्देश

लोक सेवा आयोग डीजीपी पद के लिए तीन सबसे अधिक उपयुक्त पुलिस अधिकारियों की सूची तैयार करेगा और इनमें से किसी भी एक अधिकारी को राज्य पुलिस का मुखिया बनाने के लिए राज्य सरकार स्वतंत्र होगी

Updated On: Jul 03, 2018 02:30 PM IST

Bhasha

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सुप्रीम कोर्ट ने देश में पुलिस सुधार के लिए जारी किए कई निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने देश में पुलिस सुधार के लिए मंगलवारक को कई निर्देश जारी किए. कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया कि किसी भी पुलिस अधिकारी को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त नहीं किया जाए.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे उन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम केंद्रीय लोक सेवा आयोग के पास विचार के लिए भेजें जो डीजीपी या पुलिस कमिश्नर के पद पर नियुक्ति के दावेदार हों.

बेंच ने कहा कि लोक सेवा आयोग इस पद के लिए तीन सबसे अधिक उपयुक्त पुलिस अधिकारियों की सूची तैयार करेगा और इनमें से किसी भी एक अधिकारी को राज्य पुलिस का मुखिया बनाने के लिए राज्य सरकार स्वतंत्र होगी.

डीजीपी, एसपी का 2 साल का कार्यकाल

बेंच ने कहा कि ऐसी कोशिश होनी चाहिए कि डीजीपी पद के लिए चुने गए और नियुक्त अधिकारी के पास पर्याप्त सेवाकाल बचा हो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति से जुड़ा कोई भी नियम या राज्य का कानून ‘रोक कर रखा जाएगा.’ हालांकि बेंच ने पुलिस नियुक्तियों के बारे में कानून बनाने वाले राज्यों को यह छूट दी कि वे उसके आदेश में सुधार के लिए कोर्ट आ सकते हैं.

बेंच ने पुलिस सुधारों के लिए पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की याचिका पर 2006 में सुनाए गए फैसले में सुधार के लिए केंद्र के आवेदन पर ये निर्देश दिए. कोर्ट प्रकाश सिंह प्रकरण में दिए गए निर्देशों में से एक निर्देश में सुधार के लिए केंद्र की अर्जी पर सुनवाई कर रहा था. इसमें डीजीपी का कम से कम दो साल का कार्यकाल तय करने के लिए कदम उठाने जैसा निर्देश भी शामिल था.

इससे पहले, पिछले साल आठ सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के 2006 के इस फैसले में डीजीपी और एसपी के कार्यकाल की न्यूनतम अवधि तय करने जैसे निर्देशों पर राज्य सरकारों ने अभी तक अमल नहीं किया है. कोर्ट ने 2006 के फैसले में कहा था कि डीजीपी की नियुक्ति मेरिट के आधार पर और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए और डीजीपी और एसपी जैसे अधिकारियों का कम से कम दो साल का निश्चित कार्यकाल होना चाहिए.

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