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विवादित मलयाली उपन्यास 'मीशा' पर नहीं लगेगी पाबंदी: सुप्रीम कोर्ट

केरल साहित्य अकादमी अवॉर्ड जीत चुके हरीश ने मीशा उपन्यास लिखा है. हिंदी में मीशा मतलब मूंछ से है

Updated On: Sep 05, 2018 11:17 AM IST

FP Staff

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विवादित मलयाली उपन्यास 'मीशा' पर नहीं लगेगी पाबंदी: सुप्रीम कोर्ट

मलयाली उपन्यास मीशा के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. इस उपन्यास पर पाबंदी लगाने की मांग की जा रही थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले पर पन्यास पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी. केरल साहित्य अकादमी अवॉर्ड जीत चुके हरीश ने मीशा उपन्यास लिखा है. हिंदी में मीशा मतलब मूंछ से है.

आखिर क्या है इस नॉवेल में विवादित?

हरीश ने अपनी कहानी में एक लड़की का जिक्र किया है. वह लड़की एक मंदिर में जा रही होती है और मंदिर के बाहर लोग उस लड़की पर फब्तियां कसते हैं. दक्षिणपंथी लोगों को यह हिस्सा नापसंद था और वे इस उपन्यास पर पाबंदी लगाने की मांग कर रहे थे. उनका कहना था कि इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं.

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