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दागी 'माननीयों' पर दर्ज मामलों की 1 मार्च से सुनवाई करें स्पेशल कोर्ट्सः SC

इन मामलों के निपटारा के लिए 12 कोर्ट्स का गठन किया जाएगा, 12 में से 2 में 228 सांसदों पर दर्ज मामलों की सुनवाई होगी, जबकि बाकी के 10 कोर्ट 10 राज्यों में बनाए जाएंगे

FP Staff Updated On: Dec 14, 2017 06:00 PM IST

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दागी 'माननीयों' पर दर्ज मामलों की 1 मार्च से सुनवाई करें स्पेशल कोर्ट्सः SC

दागी सांसदों और विधायकों के खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट बनाने की सरकार की अर्जी को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्वीकार कर लिया. स्पेशल कोर्ट बनाने की मंजूरी के साथ ही शीर्ष अदालत ने इन कोर्ट्स के शुरू करने की डेडलाइन 1 मार्च तय कर दी है.

आपराधिक मामलों में राजनेताओं के अभियोजन में हो रही देरी को समाप्त करने के इस ऐतिहासिक फैसले को सुनाते हुए जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस नवीन सिन्हा की बेंच ने कहा कि यह तो बस शुरुआत है. जरुरत पड़ने पर ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए और भी कोर्ट बनाए जा सकते हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में खुद आगे आकर केंद्र सरकार से स्पेशल कोर्ट्स के गठन का आदेश दिया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने 12 स्पेशल कोर्ट्स के बनाने का निर्णय लिया था जिससे 1581 दागी सांसदों और विधायकों के खिलाफ कार्रवाई किया जा सके. केंद्र ने इन मामलों को 1 साल के भीतर निरटारा करने की बात कही है.

दागी नेताओं को बड़ा झटका

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उन नेताओं के लिए एक बड़े झटके की तरह है जो गंभीर मुकदमों में शामिल होने के बाद भी ट्रायल चलते रहने के कारण पद पर बने रहते है. लेकिन अब ऐसे मामले सीधे स्पेशल कोर्ट्स के पास जाएंगे और उनके भाग्य का जल्द से जल्द फैसला आ जाएगा.

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि स्पेशल कोर्ट्स बनाने के पहले चरण में 12 कोर्ट्स का गठन किया जाएगा. 12 में से 2 कोर्ट में 228 सांसदों पर दर्ज मामलों की सुनवाई होगी, जबकि बाकी के 10 कोर्ट 10 राज्यों आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेंलगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में बनाए जाएंगे. इन राज्यों में 65 से ज्यादा विधायकों पर आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं.

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