S M L

बिहार: सुपौल मामले में SC ने जताई चिंता, कहा- बच्चों से कैसे कर सकते हैं इस तरह का व्यवहार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आप बच्चों से इस तरह का व्यवहार कैसे कर सकते हैं. इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं

Updated On: Oct 08, 2018 02:40 PM IST

FP Staff

0
बिहार: सुपौल मामले में SC ने जताई चिंता, कहा- बच्चों से कैसे कर सकते हैं इस तरह का व्यवहार

बिहार के सुपौल में 34 नाबालिग छात्राओं के साथ मारपीट करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'अखबारों में आ रही रिपोर्ट अच्छी नहीं है. 34 लड़कियों को पीटा गया क्योंकि वह खुद को छेड़छाड़ से सुरक्षित करना चाहती थीं.'

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'आप बच्चों से इस तरह का व्यवहार कैसे कर सकते हैं. इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं.' इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. त्रिवेणीगंज के एएसपी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, 'अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक नाबालिग भी है. बाकी लोगों से उनके मैट्रिक के सर्टिफिकेट भी मांगे गए हैं.' उन्होंने कहा कि, 'हम नहीं चाहते इस मामले में कोई बेगुनाह पकड़ा जाए.'

इससे पहले गिरफ्तार हुए आरोपियों में से एक ने सफाई देते हुए कहा कि, 'हो सकता है लड़कियों ने मेरा नाम लिया हो, लेकिन मैंने कुछ नहीं किया. उन्होंने (पुलिस) मुझसे पूछा तो मैंने उनको भी यही बताया. इस पर वो मुझे मारने लगे.'

क्या है पूरा मामला?

घटना सुपौल के त्रिवेणीगंज की बालिका कस्तूरबा आवासीय विद्यालय डपरखा की है. कुछ मनचले गर्ल्स स्कूल की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करते थे और स्कूल की दीवार पर अपशब्द लिखते थे. लड़कों की इन हरकतों से छात्राएं काफी परेशान थीं. जब छात्राओं ने इसका विरोध किया तो मनचलों के अभिभावक स्कूल में घुस आए और छात्राओं की पिटाई कर दी.

इस हादसे में करीब 55 बच्चियां घायल हो गईं. इनमें से 34 बच्चियों का इलाज अनुमंडलीय अस्पताल, त्रिवेणीगंज में चल रहा है. हॉस्टल वॉर्डन ने बताया कि स्कूल में जबरदस्ती घुसने वाली भीड़ में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. भीड़ लाठी, ईंट, डंडा लेकर आई थी और बच्चियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi