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बिहार के 'लव गुरु' को 'सुप्रीम' झटका, पत्नी को देनी होगी 1/3 सैलरी

अदालत ने दोनों पक्षों से कहा है कि वो एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज कराए गए मामलों को 3 हफ्ते के अंदर वापस ले लें. साथ ही दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अन्य कोई दावा नहीं करेंगे

FP Staff Updated On: Apr 18, 2018 01:49 PM IST

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बिहार के 'लव गुरु' को 'सुप्रीम' झटका, पत्नी को देनी होगी 1/3 सैलरी

लव गुरु के नाम से चर्चित पटना यूनिवर्सिटी (पीयू) के प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. अदालत ने मटुकनाथ को अपनी सैलरी का एक तिहाई हिस्सा अपनी पत्नी को गुजरा भत्ता के रूप में देने का फैसला सुनाया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने पीयू से कहा कि प्रोफेसर मटुकनाथ की सैलरी का एक-तिहाई हिस्सा उनकी पत्नी आभा के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने की व्यवस्था की जाए. साथ ही रिटायरमेंट के बाद दी जाने वाली पेंशन राशि का भी एक-तिहाई हिस्सा उनकी पत्नी को मिलेगा.

अदालत ने दोनों पक्षों से यह भी कहा कि वो एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज कराए गए मामलों को 3 हफ्ते के अंदर वापस ले लें. साथ ही दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अन्य कोई दावा नहीं करेंगे.

वर्ष 2014 में पटना की निचली अदालत ने मटुकनाथ को अपनी पत्नी को हर महीने 25 हजार रुपए देने का आदेश दिया था. मटुकनाथ ने इस आदेश के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी लेकिन वहां से भी इसे बरकरार रखा गया. बाद में मटुकनाथ ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

पत्नी को अलग से देना होगा बकाया 18.5 लाख रुपए

निचली अदालत के आदेश के हिसाब से उन्हें अपनी पत्नी को 2007 से दिसंबर 2018 तक की बकाया राशि 18.5 लाख रुपए भी चुकाने होंगे.

पटना यूनिवर्सिटी के बी.एन कॉलेज में हिंदी के प्रोफेसर मटुकनाथ खुद से लगभग 30 वर्ष छोटी जूली कुमारी के साथ लिव-इन में रहते हैं. 2006 में जब पहली बार दोनों का लव अफेयर सबके सामने आया था तो काफी हंगामा और बवाल हुआ था.

इस घटना के बाद मटुकनाथ की पत्नी आभा ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था. दोनों का एक बेटा है जो स्वीडन में रहता है.

मटुकनाथ ने अपनी पत्नी आभा को वर्ष 2004 में ही छोड़ दिया था. आभा इसके खिलाफ पिछले 10 वर्षों से घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ता का मुकदमा लड़ रही हैं.

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