S M L

सिस्टम को बर्बाद करना आसान है लेकिन सही दिशा में बदलना मुश्किल: दीपक मिश्रा

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों का नाम लिए बिना सीजेआई ने कहा, 'ज्यूडिशियरी की आलोचना करना, उसपर कमेंट करना और सिस्टम को बर्बाद करना आसान है

Updated On: Aug 15, 2018 03:50 PM IST

FP Staff

0
सिस्टम को बर्बाद करना आसान है लेकिन सही दिशा में बदलना मुश्किल: दीपक मिश्रा

72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधान न्यायाधीश (CJI) दीपक मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के परिसर में झड़ा फहराया. वहां मौजूद जजों, वकीलों और स्टाफ को संबोधित करने के दौरान सीजेआई ने सीनियर जजों को निजी महत्वाकांक्षाओं से परे उठने की नसीहत दी.

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों का नाम लिए बिना सीजेआई ने कहा, 'ज्यूडिशियरी की आलोचना करना, उसपर कमेंट करना और सिस्टम को बर्बाद करना आसान है. मुश्किल है तो बेहतर प्रदर्शन के लिए सिस्टम को सही दिशा में बदलना और उसे बरकरार रखना.'

सीजेआई ने कहा कि देश की न्यायिक व्यवस्था की रक्षा के लिए हमें निजी महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है. जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि सकारात्मक और ठोस सुधार पूरी जिम्मेदारी के साथ होने चाहिए.

विवादों में बने रहे हैं दीपक मिश्रा

सीजेआई बनने के बाद से जस्टिस दीपक मिश्रा विवादों में घिरे रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के कई सीनियर जज सीजेआई की कार्यप्रणाली को लेकर कई मौकों पर खुले तौर पर बोल चुके हैं. बतौर जज दीपक मिश्रा के कार्यकाल में कई उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं. उनके कुछ फैसलों को बेहद प्रगतिवादी माना गया, तो वहीं कुछ को बेहद विवादित. कई फैसलों के चलते उनकी तारीफ हुई, तो कुछ फैसलों के चलते उनपर कई गंभीर आरोप भी लगते रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट में शीर्ष स्तर पर असंतोष तब खुलकर बाहर आ गया, जब जनवरी में शीर्ष अदालत के चार सीनियर जजों ने सार्वजनिक रूप से सीजेआई दीपक मिश्रा पर मामलों को उचित बेंच को अलॉट करने के नियम का पालन नहीं करने का आरोप लगाए. इसमें से एक मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के जज बी.एच. लोया की रहस्यमय परिस्थिति में हुई मौत से संबंधित थी.

जस्टिस जे. चेलामेश्वर के घर पर हुई मीडिया कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चारों जजों ने कहा, 'सर्वोच्च न्यायालय का प्रशासन ठीक से काम नहीं कर रहा है. यहां तक कि हम आखिरी बार एक खास मुद्दे पर प्रधान न्यायाधीश से मुलाकात करने गए. दुर्भाग्यवश हम उन्हें समझा पाने में विफल रहे. इसके बाद इस संस्थान को बचाने का इस देश से आग्रह करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं रह गया.'

वहीं, कांग्रेस सहित 7 विपक्षी दलों ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ गलत आचरण (कदाचार) का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए नोटिस भी दिया था. हालांकि, नायडू ने सीजेआई पर लगाए गए विपक्ष के आरोपों को निराधार माना और महाभियोग प्रस्ताव खारिज कर दिया.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi