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पैलेट गन के बजाए दूसरे विकल्पों पर विचार करे केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट ने कश्मीर घाटी में प्रदर्शनों में शामिल नाबालिग बच्चों को पैलेट गन से लगी चोट पर चिंता जताई

Updated On: Mar 27, 2017 11:35 PM IST

Bhasha

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पैलेट गन के बजाए दूसरे विकल्पों पर विचार करे केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में पथराव करने वाली भीड़ से निपटने के लिए पैलेट गनों की बजाय अन्य प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल करे क्योंकि यह जीवन और मृत्यु का मामला है.

चीफ जस्टिस जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कश्मीर घाटी में प्रदर्शनों में शामिल नाबालिग बच्चों को लगी चोटों पर चिंता जताई. उन्होंने सरकार से पूछा कि, उनके माता-पिता के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा कि, वह इस बारे में विस्तृत जवाब दाखिल करें कि जम्मू-कश्मीर में नाराज भीड़ से निपटने के लिए कौन से अन्य प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं.

पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 10 अप्रैल की तारीख तय की है.

supreme court

कोर्ट ने पिछले साल 14 दिसंबर को कहा था कि जम्मू-कश्मीर में सड़कों पर प्रदर्शन करने वालों को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गनों का ‘अविवेकपूर्ण’ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. साथ ही अधिकारियों द्वारा ‘समुचित विवेक का प्रयोग’ किए जाने के बाद ही उसे बहाल करना चाहिए.

तत्कालीन चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य में पैलेट गनों के ‘अत्यधिक’ इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी कर उनके  जवाब मांगे थे.

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