S M L

सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात के दिशा निर्देश पर केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971 में संशोधन से इनकार करते हुए कहा कि ये विधायी क्षेत्र का मामला है

Bhasha Updated On: Oct 15, 2017 01:02 PM IST

0
सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात के दिशा निर्देश पर केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ विशेष मामलों में जैसे गर्भवती महिला का 20 हफ्ते के बाद गर्भपात कराने के लिए दिशा निर्देश बनाने पर सरकार से जवाब मांगा है.

जस्टिस दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ ने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और भारतीय चिकित्सा परिषद को नोटिस जारी किया और चार हफ्ते के भीतर उनका जवाब मांगा है.

बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971 में संशोधन से इनकार करते हुए कहा कि ये विधायी क्षेत्र का मामला है. इस कानून में 20 हफ्ते के बाद गर्भपात कराने पर रोक लगाई गई है.

हाईकोर्ट कर्नाटक की अनुषा रविंद्र याचिका पर सुनवाई कर रहा है. याचिकाकर्ता ने रेप पीड़िता और गर्भ में असामान्य भ्रूण रखने वाली महिलाओं के 20 सप्ताह से ज्यादा के भ्रूण को गिराने के लिए मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971 में संशोधन की मांग की है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi