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चंद्रग्रहण 2018: दुनियाभर में ब्लूमून, पड़ रही है चांद पर धरती की छाया

चांद की तीन खूबियां किसी एक चंद्र ग्रहण के दौरान दिखना दुर्लभ खगोलिया घटना होती है

| January 31, 2018, 08:54 PM IST

FP Staff

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हाइलाइट

Jan 31, 2018

  • 20:18(IST)

    लुधियाना में ब्लू मून-

  • 20:18(IST)
  • 20:10(IST)
  • 19:50(IST)

  • 19:43(IST)
  • 19:39(IST)
  • 19:30(IST)

    दिल्ली में दिखा सुपर ब्लू मून-

  • 19:28(IST)

    हरिद्वार में श्रद्धालुओं ने चंद्र ग्रहण के दौरान गंगा में डुबकी लगाई

  • 19:26(IST)

    वाराणसी में चंद्र ग्रहण के दौरान गंगा में डुबकी लगाते लोग

  • 19:21(IST)
  • 19:18(IST)

  • 18:41(IST)

    ओडिशा में ऐसा दिख रहा है चंद्रग्रहण

  • 18:39(IST)

    कोलकाता में कुछ यूं हो रही है ब्लूमून देखने की तैयारी

  • 18:07(IST)

  • 18:03(IST)

    कोलकाता में कुछ यूं दिखा चंद्रमा-

  • 17:50(IST)

    नासा इस घटना का कैलिफोर्निया से लाइव कर रहा है-

  • 17:50(IST)
  • 17:43(IST)

    ग्रहण के समय इस पाठ और मंत्र का करें जाप-

    पाठ: दुर्गा सप्तशती कवच पाठ मंत्र: ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै

    (ग्रहण काल में ॐ का उच्चारण नहीं करना चाहिए)

  • 17:34(IST)

    2018 के पहले चंद्र ग्रहण में चंद्रमा सामान्य रुप से 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार दिखाई देगा.

  • 17:26(IST)

    ब्लड मून क्या होता है-

    पृथ्वी की छाया जब पूरे चांद को ढक देती है उसके बाद भी सूर्य की कुछ किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं. लेकिन चांद तक पहुंचने के लिए उन्हें धरती के वायुमंडल से गुजरना पड़ता है. इसके कारण सूर्य की किरणें बिखर जाती हैं. पृथ्वी के वायुमंडल से बिखर कर जब किरणें चांद की सतह पर पड़ती हैं तो सतह पर एक लालिमा बिखेर देती हैं. जिससे चांद लाल रंग का दिखने लगता है. कई जगह और कई सभ्यताओं में इसका जिक्र 'ब्लड मून' के तौर पर होता है.

  • 17:25(IST)

    ब्लू मून क्या होता है-

    इस चंद्रग्रहण पर पूर्ण चंद्रमा दिखेगा और जब ऐसा होता है तो चांद की निचली सतह से नीले रंग की रोशनी बिखरती है. इस कारण से इसे 'ब्लू मून' भी कहा जाता है. अगला 'ब्लू मून' साल 2028 और 2037 में देखने को मिलेगा.

  • 17:25(IST)

    क्या होता है सुपर मून-

    जब चांद और धरती के बीच में दूरी सबसे कम हो जाती है. इसके साथ ही पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है, जिसके बाद चांद की चमक शबाब पर होती है. इसे 'सुपर मून' कहते हैं. ऐसी स्थिती में चांद लगभग 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी तक ज्यादा चमकीला दिखता है.

  • 17:16(IST)

    ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लगता है. ग्रहण सूतक समय प्रातः 8:20 ग्रहण स्पर्श : सायं काल 5:20 ग्रहण मध्य : सायं काल 7:05 ग्रहण मोक्ष रात्रि 8:45 है.

  • 17:12(IST)

    चंद्र ग्रहण से पहले पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने अपने घर में पूजा करवाई. देवगौड़ा और उनकी पत्नी चेन्नमा ने एक साथ आहुति भी दी. दोनों ने चंद्रग्रहण के अशुभ प्रभावों और बुरी नजरों से बचने के लिए प्रार्थना की है.

  • 17:00(IST)

    1866 के बाद पहली बार ऐसा संयोग बन रहा है, जब ब्लू मून, ब्लड मून और सुपर मून एक साथ देखे जाएंगे. वैज्ञानिकों और खगोलशास्त्रियों के लिए यह एक आकाशीय घटना है, लेकिन कर्नाटक के राजनेता इसे महज एक आकाशीय घटना नहीं मानते.

  • 16:57(IST)

    चंद्र ग्रहण के दौरान चांद तीन रंगों में दिखाई देगा. जिसमें सूपर मून, ब्लू मून और ब्लड मूल तीन रूप होंगे.

  • 16:54(IST)

    ग्रहण का असर हर राशि पर पड़ता है लेकिन गर्भवती स्त्री और उसके होने वाले बच्चे के लिए इसे शुभ नहीं माना जाता. कहा जाता है कि किसी भी चंद्र ग्रहण का प्रभाव 108 दिनों तक रहता है.

  • 16:50(IST)

    ग्रहण के वक्त वातावरण में नकारात्मक शक्ति का संचार होता है. इसलिए इस समय को अशुभ माना जाता है. इस दौरान अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं जो एंजाइम सिस्टम को प्रभावित करती हैं, इसलिए ग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होती है.

  • 16:48(IST)

    माघ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी 31 जनवरी को 2018 को पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. वैसे ग्रहण चाहे आंशिक हो या पूर्ण, यह किसी को शारीरिक, किसी को सामाजिक साथ ही किसी को आर्थिक कष्ट देता है.

चंद्रग्रहण 2018: दुनियाभर में ब्लूमून, पड़ रही है चांद पर धरती की छाया

31 जनवरी 2018 को पड़ने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण का असर भारत सहित उत्तर पूर्वी यूरोप, एशिया ऑस्ट्रेलिया, उत्तर पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, उत्तर पश्चिमी दक्षिण अमेरिका, पेसिफिक, अटलांटिक, हिंद महासागर, आर्कटिक, अंटार्कटिका जैस जगह पर भी पड़ेगा. इस दिन चांद तीन रंगों में दिखाई देगा. जिसमें सूपर मून, ब्लू मून और ब्लड मूल तीन रूप होंगे. चांद की तीन खूबियां किसी एक चंद्र ग्रहण के दौरान दिखना दुर्लभ खगोलिया घटना होती है.

152 वर्षो में यह पहली घटना होगी इससे पहले इस तरह की घटना 1866 में हुई थी. यह घटना सिर्फ अमेरिका में देखी गई थी इस दिन चंद्रमा पूर्ण होगा साथ ही यह लाल रंग में नजर आएगा.

यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. वैसे ग्रहण चाहे आंशिक हो या पूर्ण, यह किसी को शारीरिक, किसी को सामाजिक साथ ही किसी को आर्थिक कष्ट देता है. कहा जाता है कि किसी भी चंद्र ग्रहण का प्रभाव 108 दिनों तक रहता है.

चंद्र ग्रहण और सूतक समय

ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लगता है. ग्रहण सूतक समय प्रातः 8:20 बजे, ग्रहण स्पर्श : सायं काल 5:20 बजे, ग्रहण मध्य : सायं काल 7:05 बजे और ग्रहण मोक्ष रात्रि 8:45 बजे.

भारत में 31 जनवरी को शाम लगभग 5.18 बजे यह घटना देश के विभिन्न हिस्सों में दिखनी शुरू हो जाएगी. चंद्र ग्रहण की पूरी घटना शाम 6.12 बजे से रात्रि 8:45 बजे तक देखी जा सकेगी.

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