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सुनंदा पुष्कर मौत: जानिए क्या हुआ था 17 जनवरी की उस रात को?

17 जनवरी 2014 को सुनंदा पुष्कर दिल्ली के लीला पैलेस होटल में संदिग्ध हालत में मृत पाई गईं थी

FP Staff Updated On: May 28, 2018 07:27 PM IST

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सुनंदा पुष्कर मौत: जानिए क्या हुआ था 17 जनवरी की उस रात को?

दो दिन पहले ही सुनंदा केरल से ट्रीटमेंट लेकर दिल्ली लौटी थीं. 15 जनवरी 2014 की शाम को सुनंदा पुष्कर ने अपने पति और तत्कालीन केंद्र सरकार में मंत्री शशि थरूर के साथ दिल्ली स्थित होटल लीला के कमरा नंबर 307 में चेक इन किया. इस कमरे में कुछ समस्या होने पर अगले ही दिन यानी 16 जनवरी को सुनंदा ने कमरा बदला और दोनों कमरा नंबर 345 में चले गए.

दोनों होटल के कमरे में इसलिए थे क्योंकि उनके घर में नवीनीकरण का काम चल रहा था. 16 जनवरी को सुनंदा सोशल मीडिया पर खासी सक्रिय रहीं. पिछले कुछ दिनों से उनके ट्विट्स के कारण थरूर का पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के साथ संबंध होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा था. इसे रफा-दफा करने के लिए जो खंडननुमा पोस्ट किया गया उसे सुनंदा ने अपने ट्विटर हैंडल से साझा किया.

आधी रात को सुनंदा और थरूर के बीच हुआ झगड़ा

आधी रात के बाद कथित रूप से सुनंदा और थरूर के बीच झगड़ा शुरू हुआ.थरूर और सुनंदा के बीच 17 जनवरी की सुबह साढ़े चार बजे तक झगड़ा होता रहा जो रात साढ़े 12 बजे के करीब शुरू हुआ था. सुबह साढ़े चार बजे से 5 बजे तक सुनंदा को फोन पर किसी से बात करते हुए भी सुना गया. एसआईटी के अनुसार यह बयान दोनों के सहयोगी कर्मचारी शिवनारायण सिंह ने दिया. इसी बयान के मुताबिक थरूर और सुनंदा के बीच सुबह साढ़े छह बजे फिर झगड़ा शुरू हुआ जिसके बाद थरूर कमरा नंबर 345 से निकलकर दूसरे कमरे में सोने चले गए.

शशि थरूर 17 जनवरी को सुबह से ही इस कमरे में नहीं थे और वह कांग्रेस कमेटी की एक बैठक में मौजूद थे. 17 जनवरी को आखिरी बार कथित रूप से दोपहर साढ़े तीन बजे सुनंदा को जीवित देखा गया था. कमरा नंबर 345 में ही 17 जनवरी की शाम साढ़े चार बजे के आसपास सुनंदा की मौत हो गई.

रात पौने नौ से 9 बजे के बीच जब थरूर अपने दो सहयोगियों के साथ कमरे में लौटे तो सुनंदा के शव को उन्होंने बिस्तर पर संदिग्ध हालत में पड़ा पाया. रात करीब नौ बजे दिल्ली के सरोजिनी नगर पुलिस स्टेशन में थरूर के सचिव अभिनव कुमार ने फोन कर सूचना दी कि होटल के कमरे में तत्कालीन मंत्री थरूर की पत्नी सुनंदा को कुछ हो गया है. इस सूचना पर पुलिस होटल के कमरा नंबर 345 पहुंची.

Sunanda, wife of India's Minister of State for Human Resource Development Tharoor, poses with her husband at the Indian F1 Grand Prix at Buddh International Circuit in Greater Noida

पुलिस ने शुरुआती पूछताछ और जायज़ा करते हुए एसडीएम वसंत विहार को घटनास्थल पर बुलाया. एसडीएम ने सुनंदा के परिजनों और होटल में मौजूद स्टाफ आदि के बयान दर्ज किए और पूछताछ की. इसके बाद सीएफएसएल टीम के साथ पुलिस टीम ने घटनास्थल की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी करवाई.

पुलिस ने देखे थे सुनंदा के शरीर पर कई निशान

जब घटनास्थल पर पुलिस पहुंची तो देखा गया कि सुनंदा के मृत शरीर पर चोटों के करीब 15 निशान थे. हाथ पर काटे जाने का निशान भी था. हालांकि ये सभी चोटों के निशान जानलेवा नज़र नहीं आ रहे थे. फिर भी इन चोटों के कारण एक सवाल यह ज़रूर उठ खड़ा हुआ कि क्या मौत से पहले सुनंदा किसी तरह के फिज़िकल असॉल्ट का शिकार हुईं.

कमरा नंबर 345 में सुनंदा का शव मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने देखा कि कमरे में और सुनंदा के बिस्तर के आसपास कई तरह की दवाइयां, दवाइयों की पैकिंग आदि पड़ी हुई थीं.

17 जनवरी को सुबह साढ़े छह बजे से लेकर रात साढ़े आठ बजे तक कमरा नंबर 345 में क्या हुआ, सवाल और राज़ इस केस में यही है. सीसीटीवी फुटेज की मदद से भी पुलिस और जांच एजेंसियों ने यह जानने की कोशिश की कि इस समय में उस कमरे में और कौन गया या कौन वहां से कब निकला.

17 जनवरी से पहले

15 जनवरी को थरूर और सुनंदा होटल में शिफ्ट हुए थे जिसका कारण यह बताया गया था कि उनके घर में नवीनीकरण का काम चल रहा था. 16 जनवरी को दोनों ने होटल में कमरा बदला और 345 नंबर में शिफ्ट हुए.

16 जनवरी को ट्विटर के ज़रिए सुनंदा ने जो पोस्ट किए उनके विश्लेषण में पाया गया कि सुनंदा ने शक ज़ाहिर किया था कि थरूर के पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के साथ संबंध हैं. हालांकि 16 जनवरी को ही सोशल मीडिया के ज़रिए थरूर और सुनंदा का एक साझा बयान जारी किया गया जो अप्रामाणिक ट्विटर हैंडल से किए जा रहे संदेशों का खंडन करता था. इन संदेशों में यह भी कहा गया कि सुनंदा और थरूर दोनों अपने वैवाहिक जीवन में खुश हैं.

17 जनवरी से तीन महीने पहले सुनंदा द्वारा अपनी वसीयत बनवाने की भी बात सामने आई. इस सिलसिले में उन्होंने अपने वकील से भी बात की थी. गौरतलब है कि सुनंदा पुष्कर लगभग सवा अरब की संपत्ति की मालकिन थीं और विदेशों में भी उनकी संपत्ति थी.

Sunanda and her husband Tharoor, India's Minister of State for Human Resource Development, share a moment during their wedding ceremony at Tharoor's house in Palakkad

कैसे तारीख दर तारीख बढ़ा केस

17 जनवरी 2014 : दिल्ली के लीला पैलेस होटल में सुनंदा पुष्कर संदिग्ध हालत में मृत पाई गईं.

19 जनवरी : एम्स में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में कहा गया कि यह प्राकृतिक मौत नहीं है. डॉक्टरों ने कहा कि मृतका के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए.

21 जनवरी : एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि थरूर की पत्नी सुनंदा की मौत ज़हर के कारण हुई.

23 जनवरी : सुनंदा पुष्कर की मौत की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दी गई.

25 जनवरी : यह केस दोबारा साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस को दिया गया.

2 जुलाई : सुनंदा के शव का पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में मौजूद एम्स के एक डॉक्टर ने दावा किया कि आॅटोप्सी रिपोर्ट के साथ छेड़खानी करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया था.

30 सितंबर : एम्स डॉक्टरों ने दिल्ली पुलिस को विसरा रिपोर्ट सौंपी.

19 अक्टूबर : मीडिया में खबरें आईं कि सुनंदा की अंतिम विसरा रिपोर्ट में ज़हर मौत का कारण पाया गया.

9 नवंबर : पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने होटल के उस कमरे का दोबारा निरीक्षण किया जहां सुनंदा मृत पाई गई थीं. उस बिस्तर पर तरल पदार्थ के निशान पाए गए और टूटे शीशे भी, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया.

2015

6 जनवरी : दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का केस है और मर्डर केस दर्ज कर इसकी जांच की जाएगी. थरूर ने कहा कि वह इस खुलासे से हैरान हैं और पुलिस का सहयोग करेंगे.

फरवरी : सुनंदा के विसरा के नमूने जांच के लिए और ज़हर की पहचान के लिए वॉशिंगटन में एफबीआई के पास भेजे गए.

12 मार्च : बस्सी ने कहा कि इस केस में जांच के दायरे में मेहर तरार महत्वपूर्ण हैं. तरार ने कहा वह जांच में सहयोग करेंगी.

10 नवंबर : एफबीआई द्वारा भेजी गई विसरा रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को मिली जिसमें कहा गया कि विसरा नमूनों में रेडिएशन होना पाया गया है लेकिन इनसे मौत नहीं हुई.

2016

मार्च : पाकिस्तानी पत्रकार तरार दिल्ली आईं. एक सीनियर अफसर से मुलाकात कर तरार ने सुनंदा की हत्या के बारे में किसी किस्म की जानकारी होने से इनकार किया.

2018

14 मई : सुनंदा पुष्कर की मौत के चार साल बाद दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट फाइल की. आईपीसी की धारा 306 और 498(ए) के तहत दायर चार्जशीट में सुनंदा के पति और शशि थरूर को संदिग्ध बताया गया. चार्जशीट के मुताबिक, थरूर संदेह के दायरे में हैं लेकिन उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं.

24 मई : पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई में सुनंदा पुष्‍कर के वकील ने कहा कि यह आत्‍महत्‍या के लिए उकसाने और निर्दयता का मामला है. उन्होंने कहा कि सुनंदा के सोशल मीडिया अकाउंट पर दिए बयान को 'मरने की घोषणा' के रूप में माना जा सकता है. सुनंदा पुष्कर मौत मामले में उनके पति शशि थरूर को आरोपी माना जाए या नहीं, इस पर कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट 5 जून को इस संबंध में फैसला सुनाएगा.

(साभार न्यूज़ 18)

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