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SSC घोटाला: आंदोलन के बीच में पटना सेंटर की परीक्षा रद्द होने के क्या हैं मायने?

एक तरफ तो एसएससी मीडिया और छात्रों के दबाव में सीबीआई जांच कराने की बात करती है तो दूसरी तरफ सीबीआई जांच भी अपने शर्तों पर कराना चाहती है.

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Mar 08, 2018 08:06 PM IST

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SSC घोटाला: आंदोलन के बीच में पटना सेंटर की परीक्षा रद्द होने के क्या हैं मायने?

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा में धांधली की शिकायत मिलना लगातार जारी है. बुधवार को पटना में एसएससी की ओर से आयोजित कंबाइंड हायर सेकेंड्री लेवल(सीएचएसएल ) परीक्षा-2017 में जमकर हंगामा हुआ. प्रश्नपत्र लीक हो जाने के बाद इस परीक्षा को दिल्ली स्थित एसएससी कार्यालय ने रद्द कर दिया है.

पटना के राजेंद्र नगर स्थित एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र में धांधली का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया. परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया है कि प्रश्‍नपत्र पहले ही वायरल हो चुका है और उसका उत्तर भी आ गया है. ये उत्तर परीक्षा देने आएे कई परीक्षार्थियों के पास से भी मिला.

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हाल के दिनों में एसएससी की परीक्षा और परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. देशभर के हजारों छात्र पिछले महीने के 27 तारीख से दिल्ली स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स कर्मचारी चयन आयोग के मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं.

इन छात्रों की मांग है कि एसएससी द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में धांधली हो रही है. प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही बाजार में आ जाते हैं. इन छात्रों का आरोप है कि 17 से 22 फरवरी 2018 तक हुए कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल की ऑन लाइन परीक्षा में जबरदस्त धांधली हुई. परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया में लीक हो गए थे. बुधवार को पटना में आयोजित परीक्षा में भी प्रश्नपत्र लीक हो जाने के बाद इन छात्रों की मांगों में दम नजर आने लगा है.

सीजीओ कॉम्प्लेक्स के सामने प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों ने फ़र्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए एसएससी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रों ने पिछले साल से लेकर इस साल अब तक एसएससी की सभी परीक्षाएं रद्द कराने की मांग की है. छात्रों को शक है कि बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन किया गया है.

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देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच के आदेश तो दे दिए हैं लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं. छात्रों की मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की देख रेख में एक निश्चित समय सीमा के अंदर जांच कराई जाए.

दूसरी तरफ एसएससी परीक्षा में धांधली के खिलाफ देशभर के हजारों छात्रों का दिल्ली स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचने का सिलसिला अभी भी जारी है. लेकिन, एसएससी के बड़े हुक्मरानों को छात्रों का दिल्ली में प्रदर्शन करना नागवार गुजर रहा है.

एक तरफ तो एसएससी मीडिया और छात्रों के दबाव में सीबीआई जांच कराने की बात करती है तो दूसरी तरफ सीबीआई जांच भी अपने शर्तों पर कराना चाहती है.

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दरअसल एसएएससी चेयरमैन अशीम खुराना ने परीक्षा में धांधली को लेकर सीबीआई जांच के बारे में जानकारी देते हुए एक पत्र जारी किया है. इस पत्र को पढ़ने से साफ जाहिर होता है कि आयोग सीबीआई जांच अपने अनुसार ही नहीं चाहता बल्कि बदले की भावना से भी उन लोगों को निशाना बनाना चाहती है, जिन्होंने छात्रों के आंदोलन में उनका साथ दिया.

एसएएससी के चेयरमैन अशीम खुराना ने पत्र के जरिए कहा है, ‘सीबीआई जांच में उन बाहरी लोगों और एजेंसियों का पर्दाफाश करना शामिल है, जिन्होंने हजारों छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया.’

अब सवाल यह है कि खुराना साहब यह भी बताएं कि बुधवार को पटना में आयोजित एसएससी की परीक्षा को क्यों रद्द करनी पड़ी? जब आंदोलन इतने दिनों से चल रहा था तो बुधवार को कंबाइंड हायर सेकेंड्री लेवल (सीएचएसएल) परीक्षा-2017 को क्यों रद्द किया गया? छात्रों की भी यही मांग है जो बुधवार को पटना में एसएससी परीक्षा के आयोजन में घटित हुआ.

बुधवार को पटना में आयोजित एसएससी की परीक्षा रद्द किए जाने के बाद यह आंदोलन और बड़ा हो सकता है. साथ ही देश के दूसरे राज्यों में भी एसएससी आंदोलन की शुरुआत हो सकती है. कुछ राज्यों में तो पहले से ही प्रदर्शन हो रहे हैं.

ऐसे में एसएससी के छात्रों का देश के दूसरे हिस्सों में भी प्रदर्शन करना बताता है कि छात्रों की मांग पर सरकार अभी भी गहराई से विचार नहीं कर रही है. ऐसे में छात्रों के इस आशंका को बल मिलता है कि उनके आंदोलन को दबाने के लिए ही सरकार ने सीबीआई जांच की घोषणा कर दी.

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