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SSC घोटाला : क्या देश एक बड़े छात्र आंदोलन की तरफ बढ़ रहा है

एसएससी में घोटाले के लिए चल रहा छात्र आंदोलन नेताओं के मान मनौव्वल के बाद लगातार जारी है. जिस तरीके से दिल्ली से इतर दूसरी जगहों से भी इसे सपोर्ट मिल रहा है, मामला आगे और बड़ा हो सकता है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Mar 05, 2018 10:06 PM IST

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SSC घोटाला : क्या देश एक बड़े छात्र आंदोलन की तरफ बढ़ रहा है

लहराता हुआ तिरंगा और उसके नीचे सैकड़ों नौजवानों के नारे गूंज रहे थे. नारों में वंदेमातरम की गूंज थी तो इंकलाब जिंदाबाद का जोश. ये युवा रोजगार के लिए कड़ी धूप में पिछले सात दिनों से नहीं जुटे हुए हैं बल्कि इनकी मांग इंसाफ की हैं क्योंकि इनके भविष्य के सपनों पर उस इम्तिहान ने सवालिया निशान लगा दिए हैं जिसकी तैयारी में ये रात दिन एक कर कड़ी मेहनत और पैसे के खर्च की परवाह किए बगैर तैयारी करते हैं. लेकिन सारी तैयारियां तब धरी की धरी रह गईं जब उनका पेपर सोशल मीडिया पर लीक हो गया.

बेरोजगारी के दौर में जहां कॉम्पटिशन के जरिए नौकरी की उम्मीद जगती है उसी परीक्षा में धांधली ने नौजवानों को इस तरह इंसाफ मांगने के लिए मजबूर कर दिया. ये इंसाफ चाहते हैं. पिछले सात दिनों से इंसाफ की लड़ाई के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं.

केंद्रीय कर्मचारी चयन आयोग पेपर लीक मामले की जांच को लेकर मुट्ठी में सिमटा हुआ छात्रों का आंदोलन अभी भी जारी है. देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच के आदेश तो दे दिए हैं लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं. जाहिर सी बात है कि भरोसा किस पर और कैसे करें क्योंकि जब पेपर ही लीक हो जाए तो फिर शक और असुरक्षा की भावना किसी पर भरोसा नहीं करने देती हैं.

आपको बता दें कि देशभर के हजारों छात्र पिछले महीने के 27 तारीख से दिल्ली स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स कर्मचारी चयन आयोग के मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं. इन छात्रों की मांग है कि एसएससी द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में धांधली हो रही है. प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही बाजार में आ जाते हैं. इन छात्रों का आरोप है कि 17 से 22 फरवरी 2018 तक हुए कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल की ऑन लाइन परीक्षा में जबरदस्त धांधली हुई. परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया में लीक हो गए थे.

सीजीओ कॉम्प्लेक्स के सामने प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों ने फ़र्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए एसएससी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रों ने पिछले साल से लेकर इस साल अब तक एसएससी की सभी परीक्षाएं रद्द कराने की मांग की है. छात्रों को शक है कि बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन किया गया है.

SSC SCAM

हरियाणा के रहने वाला एक छात्र कुलदीप फ़र्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘परीक्षा के दौरान हमारे जूते और लड़कियों के गहने और अगूंठी तक उतरवा लिए जाते हैं. ऐसे में ऑन लाइन पेपर लीक होना कहीं न कहीं एसएससी पर सवाल खड़े कर रहा है. एसएससी का पूरा महकमा भ्रष्टाचार में लिप्त है.’ बिहार के मधेपुरा से आए एक छात्र नीरज कुमार बताते हैं, ‘मैं पिछले कई सालों से एसएससी के एग्जाम को फेस कर रहा हूं. लाखों रुपए तैयारी में खर्च हो गए. मेरे साथ कोचिंग करने वाले कई लड़के कई लड़के कामयाब हो गए और मैं यहां आ गया हूं.’

देशभर से आए छात्र लीक हुए प्रश्नपत्र का स्क्रीन शॉट दिखा रहे हैं. देश की सोशल साइट्स पर एसएससी स्कैम को लेकर बवाल मचा हुआ है. कई ऐसे छात्र हैं जो प्राइवेट नौकरी छोड़ कर एसएससी की तैयारी कर रहे हैं, उनका भविष्य अंधेरे में डाल दिया गया है.

एसएससी मुख्यालय के सामने हजारों छात्र सीबीआई जांच की मांग को लेकर अब भी नारेबाजी कर रहे हैं. वंदे मातरम के नारों की गूंज के साथ छात्र एसएससी मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं. देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया है कि एसएससी पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से कराई जाएगी, लेकिन छात्र लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं. छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसा लग रहा है कि देश में एक बड़े छात्र आंदोलन की शुरुआत होने वाली है.

इस आंदोलन को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है. आंदोलन स्थल पर राजनेताओं का आना-जाना भी शुरू हो गया है. यह ऐसा ही संकेत दे रहा है जैसे अन्ना आंदोलन के वक्त हुआ था.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, स्वराज इंडिया पार्टी के योगेंद्र यादव, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और सांसद मीनाक्षी लेखी छात्रों से मिल चुके हैं. वहीं रविवार को अन्ना हजारे ने भी सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंच कर छात्रों को हौसला दिया. अन्ना हजारे से छात्रों से अपील कर हिंसा का रास्ता न तय करने को कहा है.

SSC SCAM

लेकिन, बड़ा सवाल ये है कि जिस मुल्क की साठ फीसदी से ज्यादा आबादी युवा हो और अगर वो नाइंसाफी की वजह से आक्रोश की राह पर उतरे तो फिर उस आंदोलन की चिंगारी से आने वाले वक्त में कहीं सियासी शोले ने दिखाई पड़ें.

इस बार ये आंदोलन आरक्षण को लेकर नहीं और न ही करप्शन को लेकर है बल्कि ये आंदोलन उन छात्रों का है जो मेहनत कर अपना भविष्य संवारना चाहते हैं. ये रोजगार की भीख नहीं मांग रहे हैं बल्कि सुरक्षा मांग रहे हैं. सरकार को छात्रों की मांग को सियासी नजरिए से न देखते हुए गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि मुल्क का मुस्तकबिल जब बड़े आंदोलन की शक्ल लेगा तो हालात फिर बेकाबू हो सकते हैं.

आज बात सिर्फ एक परीक्षा की नहीं बल्कि आने वाले समय में दूसरे इम्तिहानों पर भी उंगलियां उठेंगी और कठघरे में केवल सरकार ही खड़ी नजर आएगी. मध्यप्रदेश का व्यापम घोटाला इसकी ताजा मिसाल है बस फर्क इतना है कि उसे लेकर आंदोलन नहीं हो सका.

'जांच पूरी होने तक एसएससी की सभी परीक्षाओं पर रोक लगे'

प्रशांत भूषण

प्रशांत भूषण

सोमवार को छात्रों का साथ देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण भी धरनास्थल पहुंचे. छात्रों को संबोधित करते प्रशांत भूषण ने कहा, ‘छात्रों के इस आंदोलन को हम सुप्रीम कोर्ट में भी उठाएंगे. साथ ही सीबीआई जो जांच करेगी उसका एक निश्चित समय होना चाहिए ताकि यह पता चल सके कि एसएससी भी किस तरह का काम कर रहा है. लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हमारा मौलिक अधिकार है और यह हमसे कोई छीन नहीं सकता. हम चाहते हैं कि जांच पूरी होने तक एसएससी की सभी परीक्षाओं पर पूरी तरह से रोक लगे.’

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