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अयोध्या विवाद के हल में श्रीश्री रविशंकर का दखल स्वीकार नहीं: वेदांती

श्रीश्री इस आंदोलन से कभी जुड़े नहीं रहे इसलिए उनकी मध्यस्थता मंजूर नहीं. राम जन्मभूमि आंदोलन पर बातचीत का अधिकार राम जन्मभूमि न्यास और वीएचपी को मिलना चाहिए

Updated On: Oct 30, 2017 03:05 PM IST

Bhasha

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अयोध्या विवाद के हल में श्रीश्री रविशंकर का दखल स्वीकार नहीं: वेदांती

राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे बीजेपी के पूर्व सांसद राम विलास वेदांती ने अयोध्या मुद्दे के समाधान में ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्रीश्री रवि शंकर की मध्यस्थता प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है.

संभल में चल रहे कल्कि महोत्सव में हिस्सा लेने आए राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य वेदांती ने कहा, 'श्रीश्री इस आंदोलन से कभी जुड़े नहीं रहे इसलिए उनकी मध्यस्थता मंजूर नहीं'. वेदांती ने कहा, 'श्री श्री रवि शंकर की मध्यस्थता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी. राम जन्मभूमि आंदोलन राम जन्मभूमि न्यास और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने लड़ा है इसलिए बातचीत का अवसर भी इन दोनों संगठनों को मिलना चाहिए.'

उन्होंने कहा कि श्रीश्री रवि शंकर कभी भी राम जन्म भूमि आंदोलन से जुड़े ही नहीं रहे तो ऐसे मेें वह कैसे मध्यस्थता कर सकते हैं.

sri sri ravishankar

वेदांती ने कहा, 'जिसने आज तक राम लला के दर्शन नहीं किए हैं, वह मध्यस्थता कैसे कर सकता है. हम इस आंदोलन के लिए जेल गए और मुकदमे लड़ रहे हैं'. उन्होंने सवाल किया कि श्रीश्री रवि शंकर मामले को सुलझाने की पात्रता कहां रखते हैं? पहले उन्हें (श्रीश्री) राम लला के दर्शन और पूजा करनी चाहिए.

उन्होंने कहा, हम चाहते है कि इस मसले पर मुस्लिम धर्मगुरु आगे आएं और बैठकर बात करें. हिंदू और मुस्लिम बैठ कर इस मामले का हल निकालें. मंदिर का निर्माण आपसी सहमति के आधार पर हो.

आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन ने पिछले हफ्ते कहा था कि श्रीश्री रविशंकर राम मंदिर विवाद का अदालत से बाहर हल खोजने में मदद के लिए निर्मोही अखाड़े के आचार्य राम दास सहित कई इमामों और साधु-संतों के संपर्क में हैं.

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