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नौकरी छोड़कर साधु बना बेटा, अब पिता मांग रहे पढ़ाई पर खर्च किए 20 लाख रुपए

64 साल के लीलाभाई और उनकी पत्नी ने अपने बेटे धर्मेश से भरण-पोषण के लिए गुजारा भत्ता देने की मांग की है

Updated On: Sep 11, 2018 02:52 PM IST

FP Staff

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नौकरी छोड़कर साधु बना बेटा, अब पिता मांग रहे पढ़ाई पर खर्च किए 20 लाख रुपए

गुजरात के अहमदाबाद में एक बेटे के खिलाफ उसके दिव्यांग मां-बाप ने याचिका दायर की है. याचिका में मां-बाप ने अपना जीवन चलाने के लिए आर्थिक सहायता मांगी है. 64 साल के लीलाभाई और उनकी पत्नी ने अपने बेटे धर्मेश से भरण-पोषण के लिए गुजारा भत्ता देने की मांग की है.

बुजुर्ग दंपति ने बताया कि उनका बेटा बहकावे में आकर साधु बन गया है और अब वह उनके साथ नहीं रहता है. इस वजह से बुढापे में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि लीलाभाई रिटायर हो चुके हैं और अपनी पत्नी भीखीबेन के साथ रहते हैं.

लीलाभाई बताते हैं कि उन्होंने बेटे को 20 लाख रुपए लगाकर फार्मेसी में डिग्री दिलवाई थी. कोर्स के बाद बेटे की नौकरी भी लग गई लेकिन अचानक किसी के बहकावे में आकर बेटा धर्मेश साधु बन गया और हमें छोड़ दिया.

लीलाभाई यह भी कहते हैं कि उन्होंने धर्मेश को वापस लाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसने घरेलू चीजों में शामिल होने से मना कर दिया. अब हालात यह हैं कि परिवार को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है. हालांकि लीलाभाई के एक और बेटा है लेकिन उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं है.

लीलाभाई ने गुजरात राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के पास याचिका दायर कर मांग की है कि जो 20 लाख रुपए उन्होंने धर्मेश की शिक्षा पर खर्च किए हैं, वह उन्हें वापस दिलाएं जाएं. हालांकि प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि धर्मेश को माता-पिता के भरण-पोषण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं लेकिन माता-पिता को यह अधिकार नहीं है कि अपने भरण-पोषण की उम्मीद करें, इसके लिए धार्मिक संस्था को भी बाध्य नहीं किया जा सकता.

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