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UP: आवारा पशुओं को 10 जनवरी तक गो-संरक्षण केंद्रों में पहुंचाने का आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांजी हाउस का नाम बदलकर गो-संरक्षण केंद्र रखने और आगामी 10 जनवरी तक बेसहारा एवं आवारा पशुओं को गो-संरक्षण केंद्रों में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं

Updated On: Jan 03, 2019 03:40 PM IST

Bhasha

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UP: आवारा पशुओं को 10 जनवरी तक गो-संरक्षण केंद्रों में पहुंचाने का आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांजी हाउस का नाम बदलकर गो-संरक्षण केंद्र रखने और आगामी 10 जनवरी तक बेसहारा एवं आवारा पशुओं को गो-संरक्षण केंद्रों में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने बुधवार रात गोवंश के संरक्षण के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों को संबोधित किया. इस दौरान योगी ने जिलाधिकारियों को कांजी हाउस का नाम बदलकर गो-संरक्षण केंद्र रखने और आगामी 10 जनवरी तक बेसहारा एवं आवारा पशुओं को गो-संरक्षण केंद्रों में पहुंचाने के निर्देश दिए.

साथ ही योगी ने कहा कि गो-संरक्षण केंद्रों में पशुओं के चारे, पानी और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. जहां पर चारदीवारी नहीं है, वहां फेन्सिंग की व्यवस्था की जाए. इन केंद्रों में पशुओं की देखरेख करने वालों की नियुक्ति की जाए. योगी ने कहा कि आवारा पशुओं के मालिकों का पता लगाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. गो-संरक्षण केंद्र से अपने पशु को छुड़ाने के लिए आने वालों से आर्थिक दंड वसूला जाए.

योगी ने जिलाधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी गो-संरक्षण केंद्रों में गोवंश का रख-रखाव भली-भांति हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निकायों में कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में 60 करोड़ रुपए और वित्तीय वर्ष 2018-19 में निर्माण कार्य हेतु 95 करोड़ रुपए तथा भूसे, चारे आदि के लिए 23.5 करोड़ रुपए की व्यवस्था बजट के जरिए की गई. उन्होंने कहा कि इस धनराशि का जल्द से जल्द इसके उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाए.

गौरतलब है कि मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया था कि गोवंशीय पशुओं के अस्थाई आश्रय स्थलों की स्थापना एवं संचालन के लिए मंडी शुल्क से प्राप्त आय का दो फीसदी, प्रदेश के लाभकारी उद्यमों एवं निर्माणदायी संस्थाओं के लाभ का 0.5 प्रतिशत और यूपीडा जैसी संस्थाओं के टोल टैक्स में 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त राशि गो कल्याण उपकर (सेस) के रूप में ली जाएगी .

मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने भी कुछ समय पहले लावारिस गायों के लिए आश्रय स्‍थल बनाने की बात कही थी. अब यूपी मंत्रिमंडल ने उन उत्‍पादों पर 0.5 प्रतिशत अतिरिक्‍त लेवी लगाने का फैसला किया है, जिन पर एक्‍साइज ड्यूटी लगती है. मंत्रिमंडल ने मंगलवार को इससे संबंधित फैसले को मंजूरी दी थी. इसे 'गौ कल्याण सेस' नाम दिया गया है और इसका इस्‍तेमाल प्रदेशभर में गौ रक्षा के साथ-साथ सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं के लिए आश्रय स्‍थल बनाने में किया जाएगा.

इन आश्रय स्‍थलों के लिए विभिन्न विभागों से ही कोष जुटाया जाना है, जिसके तहत एक्साइज आइटम पर 0.5 फीसदी अतिरिक्‍त लेवी लगाने के साथ-साथ यूपीडा जैसी सरकारी एजेंसियों की ओर से वसूले जाने वाले टोल टैक्‍स पर 0.5 प्रतिशत सेस लगाने का फैसला भी किया गया है.

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